बोदला में करोड़ों की जमीन पर कब्जे के मामले में पुलिस ने धर्मेंद्र, राजू और किशन मुरारी से पूछताछ शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में आगरा और मथुरा के लोगों के भी नाम सामने आ रहे हैं।
आगरा के बोदला में 10 हजार वर्ग गज जमीन पर कब्जे के मामले में टहल सिंह का फर्जी मृत्यु और वारिसान प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में जेल गए तीन आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को रिमांड पर लिया। उन्होंने पूर्व में पुलिस की पूछताछ में कई लोगों के नाम बताए थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर केस में अन्य नामों को बढ़ा सकती है।
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मामले में एसआईटी जांच कर रही है। जांच के बाद डकैती का मुकदमा दर्ज कराने वाली उमा देवी को फर्जी दस्तावेज से फर्जी मालकिन बनने पर नौ अप्रैल को किशन मुरारी, रवि कुशवाहा, शंकरिया, धर्मेंद्र सिंह और राजू के साथ जेल भेजा था। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े के खेल में कई लोग शामिल थे। जमीन का सौदा आगरा और मथुरा के लोगों को फर्जी तरीके से किया गया था।
24 घंटे की मिली रिमांड
थाना जगदीशपुरा के एसएसआई ने सोमवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र के न्यायालय में तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने आरोपियों की 24 घंटे की रिमांड स्वीकृत की है। पुलिस ने मंगलवार शाम छह बजे आरोपी धर्मेंद्र, राजू और किशन मुरारी को रिमांड पर ले लिया। उनसे थाने लाकर पूछताछ की गई। आरोपियों को टीम मथुरा भी लेकर जा सकती है।