बाह: चंबल नदी के कैंजरा घाट पर बिना अनुमति के चल रही मोटर बोट कराई बंद
बाह। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच चंबल नदी के कैंजराघाट पर महज आठ दिन बाद ही मोटरबोट का संचालन पुलिस ने बंद करा दिया है। लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने मध्य प्रदेश वन विभाग से अनुमति लिए बिना ही मोटरबोट का संचालन शुरू कर दिया था। ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा दोनों राज्यों के 150 से ज्यादा गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश के उद्योतगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के बाह के बीच चंबल नदी के कैंजराघाट पर बने पांटून पुल 19 जून को हटा लिया था। 22 जून से मोटरबोट से यात्रियों को नदी पार कराई जा रही थी। 30 जून से मोटरबोट का संचालन मध्य प्रदेश के नगरा थाने की पुलिस ने बंद करा दिया है। लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने मध्य प्रदेश वन विभाग से अनुमति लिए बिना ही मोटरबोट का संचालन शुरू किया था। वन विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही मोटरबोट का संचालन शुरू किए जाने की बात पुलिस ने कही है। मोटरबोट का संचालन बंद होने से ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए 60 से 90 किमी का अतिरिक्त फेर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों रामकिशन, सोवरन सिंह, जयदयाल, भीकम सिंह, भरत सिंह, उदयभान, रामखिलाड़ी ने बताया कि मोटरबोट बंद होने से समय और धन ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (सर्वोदय) के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बाह के एसडीएम विनोद कुमार से जनहित में कैंजराघाट पर मोटरबोट का संचालन सुनिश्चित कराए जाने की मांग की है। आरोप है कि मोटरबोट में बाइक चढ़ाने के नाम पर वसूली की जा रही है।
पुलिस ने मध्य प्रदेश वन विभाग की अनुमति मिलने तक मोटरबोट का संचालन रोक दिया है। अनुमति के प्रयास किए जा रहे हैं। तब तक कैंजराघाट पर मोटरबोट का संचालन बंद रहेगा।
- चंद्रसेन तिवारी, ठेकेदार लोक निर्माण विभाग