एटा। जैथरा थाना क्षेत्र के गांव टिजाथर स्थित ईंट भट्ठा पर अनुसूचित जाति के मजदूरों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। मजदूरों के ठेकेदार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से शिकायत मजदूरों को बंधन मुक्त कराने की गुुहार लगाई है। जिसे लेकर आयोग ने डीएम को निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता ठेकेदार रामवीर सिंह ने अनुसूचित जाति आयोग को पत्र लिखकर जैथरा के ब्लॉक प्रमुख रामनाथ यादव पर नौ अनुसूचित जाति के मजदूरों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख का गांव टिकाथर में आरएस मार्का नाम से ईंट भट्ठा है। जहां कच्ची ईंट की भराई कराने के लिए ब्लॉक प्रमुख मजदूरों को लेकर गए। ठेकेदार का कहना है कि उसने 30 बुग्गी और मजदूर काम कराने के लिए दिए थे। जिसमें से कुछ अपने घर लौट गए। करीब छह महीने तक काम मिलता रहा, लेकिन जब काम नहीं मिला, तो मजदूरों ने ब्लॉक प्रमुख से शिकायत की। आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख रामनाथ यादव ने मजदूरों को बंधक बना लिया और पिटाई की। साथ ही बाकी मजदूरी देने से इनकार कर दिया। जब एसडीएम से शिकायत की गई, तो उल्टा ठेकेदार पर 12.50 लाख रुपये का आरोप लगा दिया गया। शिकायतकर्ता ने आयोग को पत्र लिखकर उत्पीड़न से बचाने और बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने की मांग की है। मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के जांच अधिकारी एपी गौतम ने डीएम और एसएसपी को निर्देश दिए हैं। अधिकारी ने कहा है कि 15 दिन में जांच कर कार्रवाई से अवगत कराया जाए।
इन मजदूरों को बंधक बनाने का आरोप
चंद्रपाल, सुभाष, राहुल, मुकेश, राकेश, अफसर, लोकेश, धर्मवीर, राजू
ब्लॉक प्रमुख ने डेढ़ महीने पहले ठेकेदार के खिलाफ ठगी करने की रिपोर्ट थाना जैथरा में दर्ज कराई थी। जिसमें ठेकेदार पर रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था।
ऐसा कोई मामला नहीं है। मेरे द्वारा शकिकायत करने वाले को भट्ठे पर लेबर लाने के लिए रुपये दिए गए थे। जिसका आरटीजीएस किया था। उसने लेबर भी नहीं भेजी और रुपये भी वापस नहीं किए। इसके चलते मेरे द्वारा धोखाधड़ी का एक मुकदमा उस पर दर्ज कराया गया है। इसके चलते वह गलत और झूठी शिकायतें कर रहा है।
- रामनाथ यादव, ब्लाक प्रमुख, जैथरा
आयोग से पत्र आया है तो उसकी जांच कराई जाएगी। इसके नोडल अधिकारी एएसपी क्राइम हैं। पत्र का संज्ञान लेकर मामले की तह तक जांच कराएंगे। अगर कोई बंधक बनाया गया है तो उन्हें मुक्त कराया जाएगा। साथ ही आयोग को इसका जवाब भी भेजा जाएगा। - स्वप्निल ममगाई, एसएसपी, एटा