अस्पताल में भर्ती रनवीर सिंह को भी घर से मंगानी पड़ी कंबल रजाई
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जिला अस्पताल स्थित मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएमएस) कक्ष में सीएमएस डॉ. मदनलाल मौजूद थे। दोपहर 12 बजे से भी सर्दी से बचाव के लिए कमरे में रूम हीटर चल रहा था। इससे कमरे का तापमान भी बाहरी तापमान से काफी अधिक था।
घर से मंगाना पड़ा कंबल
जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में गांव नवादा निवासी सांस रोग से पीड़ित वृद्ध रनवीर सिंह भर्ती थे। उनकी पत्नी भी उनके साथ ही मौजूद थीं। उन्हें न तो बेड पर बिछाने के लिए चादर मिला और न ही कंबल। मजबूरी में उन्हें घर से कंबल और रजाई मंगानी पड़ी।
जिला अस्पताल के वार्ड नंबर 44 में नगला बख्ती निवासी ओमप्रकाश और उनकी मां बिरमा देवी दो बेडों पर भर्ती थे। दोनों ही मारपीट में घायल हुए थे। अस्पताल प्रशासन ने दोनों को ही चादर और कंबल उपलब्ध नहीं कराया, उन्होंने भी फोन कर अपने घर से कंबल मंगाए।
गांव बरिहा निवासी अमन कुमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वार्ड नंबर 44 में कोने के बेड पर भर्ती अमन को भी अस्पताल प्रशासन ने कंबल नहीं दिया। घर से लाए कंबल से ही अमन सर्दी से बचाव कर रहा है।
सीएमएस डॉ. मदनलाल ने बताया कि सर्दी में सभी मरीजों को कंबल उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। अगर जरूरत है तो एक मरीज को दो-दो कंबल दिए जा सकते हैं। अगर कंबल नहीं दिए जा रहे हैं तो जानकारी कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।