गांव-गांव से दलाल राशन कर रहे इकट्ठा
क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारी अजय चौहान ने बताया कि राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच-पांच किलोग्राम राशन महीने में दो बार मिलता है। इसमें दो किलेाग्राम चावल और तीन किलोग्राम गेहूं होता है। गोदाम में चावल और गेहूं के 350 बोरे मिले हैं। इनमें किसी का वजन 20 तो किसी का 30 किलोग्राम तक है। जानकारी में आया है कि मोपेड पर गेहूं और चावल के कट्टे दलाल लेकर आते हैं। वह गांव-गांव में घूमते हैं। राशन कार्ड धारकों से चावल और गेहूं 14 से 15 रुपये में खरीदते हैं। दो से तीन रुपये ऊपर में गोदाम मालिक को बेच देते हैं। वो इस चावल और गेहूं को ट्रकों की मदद से दिल्ली और हरियाणा में ले जाता है।
पुलिस ने कहा जांच के लिए भेजेंगे नमूने
पुलिस ने बताया कि गेहूं और चावल के नमूने लिए गए हैं। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। गोदाम में मजदूर भी काम कर रहे थे, जोकि पुलिस के आने के बाद कहीं चले गए।
पहले भी पकड़े गए हैं मामले
आगरा में पहले भी राशन के गेहूं और चावल की कालाबाजारी के मामले पकड़े जा चुके हैं। खंदौली, छलेसर और एत्माद्दौला क्षेत्र में गोदाम पकड़े गए थे। एक हजार से अधिक बोरे मिल चुके हैं। पुलिस ने मुकदमे भी दर्ज किए थे।