एसटीएफ ने ताजगंज में सैंपल की दवाओं के दो गोदाम पकड़े थे। इस मामले में तीन एमआर के साथ छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखा था। गोदाम संचालक तो पकड़ लिया गया,ड लेकिन सप्लायर हाथ नहीं आए हैं।
आगरा के ताजगंज और छत्ता क्षेत्र में सैंपल की दवाओं के अवैध कारोबार के मामले में 18 दिन में भी सप्लायर नहीं पकड़ा जा सका है। प्रकरण में एसटीएफ की तरफ से मुकदमे दर्ज कराए गए थे। एक आरोपी को जेल भेजा गया। मुकदमे में दवा कंपनी के चार कर्मचारियों को नामजद किया गया है।
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एसटीएफ की आगरा यूनिट ने 12 मई को ताजगंज के बाग खिन्नी महल और राधेकृष्ण धाम कॉलोनी में सैंपल की दवाएं पकड़ी थीं। गोदाम संचालक सोनू अग्रवाल को जेल भेजा गया था। एक गोदाम से बड़ी संख्या में सैंपल की दवाएं मिली थीं। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें सोनू अग्रवाल सहित उसके भाई प्रवीण, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव महाराष्ट्र के चंद्रपुर निवासी सतीश, अमरावती निवासी गौड़िया, महाराष्ट्र के मुकेश और फार्मा कंपनी के जांच अधिकारी मेरठ के आरके शर्मा को नामजद किया गया था।
प्लाट में फेंकी गई थीं दवाएं
सोनू अग्रवाल के बाद किसी अन्य की गिरफ्तारी नहीं हुई, जबकि छत्ता के पीपल मंडी में एक घर के बाहर से सैंपल की दवाएं प्लाट में फेंकी गई थीं। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में भी आरोपी नहीं पकड़े जा सके हैं।
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि सैंपल की दवाओं का अवैध कारोबार करने में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ के साथ पुलिस कार्य कर रही है। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।