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राशन की कालाबाजारीः बस्तियों में फेरी लगाकर इकट्ठा करते थे गेहूं-चावल, कहते थे-आपको मुफ्त मिला है...

Thu, 08 Oct 2020 12:19 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

लॉकडाउन के समय से प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत हर कार्डधारक को प्रति यूनिट दो किलो चावल और तीन किलो गेहूं
निशुल्क मिल रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इतना ही दिया जा रहा है। इस तरह से मार्च से हर महीने दो बार राशन
हो गया। चावल रोज न खाने के कारण इसका स्टॉक हो गया।
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पकड़ा गया सरकारी राशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राशन माफिया ने सरकारी गेहूं और चावल इकट्ठा करने के लिए 12 बस्तियों में कमीशन एजेंट छोड़ रखे थे। ये गरीबों से कहते थे कि आपको जो राशन मुफ्त मिला है, उसे बेचकर पैसे ले लो।
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लोगों को डिपो से दोगुना राशन मिला था, इसलिए इनके लालच के जाल में फंस गए। इन्होंने 12 से 15 रुपये किलो तक गेहूं और चावल खरीदे और फिर दिल्ली ले जाकर 30 रुपये किलो बेचे... यह जानकारी इन बस्तियों में बुधवार को की गई अमर उजाला टीम की पड़ताल में सामने आई।

ये भी पढ़ें- खुलासा: लॉकडाउन में गरीबों के निवाले पर पड़ा डाका, जमकर हुई सरकारी राशन की कालाबाजारी
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लॉकडाउन के समय से प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत हर कार्डधारक को प्रति यूनिट दो किलो चावल और तीन किलो गेहूं निशुल्क मिल रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इतना ही दिया जा रहा है। इस तरह से मार्च से हर महीने दो बार राशन हो गया। चावल रोज न खाने के कारण इसका स्टॉक हो गया।

इन बस्तियों से ज्यादा खरीद हुई
जगदीशपुरा, यमुनाब्रिज, ताजगंज, गोबर की चौकी, किशोरपुरा, यमुनाब्रिज, नरायच, टेढ़ी बगिया, बोदला, लोहामंडी, देवरी रोड और मंटोला क्षेत्र से ज्यादा खरीद की गई।

लोग बोले-लालच में आ गए थे
किशोरपुरा के हरबीर और मंटोला के शमीम ने बताया कि फेरीवाले कहते थे कि गेहूं चावल उतना ही रखो, जितना जरूरी है, बाकी बेच दो। लॉकडाउन में काम-धंधे बंद थे, इसलिए लोग लालच में आ गए। टेढ़ी बगिया की सावित्री ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम था कि 15 रुपये किलो गेहूं लेकर 30 रुपये किलो में बेचेंगे।

बड़ा रैकेट है, कई और आरोपी बनेंगे 
प्रभारी डीएसओ विमल सिकरवार ने बताया कि योजना के तहत मिला चावल का स्टॉक अधिक होने पर कुछ लोग फेरी वालों को बेचते हैं, यह राशन माफिया तक पहुंचाते हैं, जिनको दिल्ली समेत आसपास के शहरों में बिक्री करते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है, आरोपियों से और भी जानकारी मिलने पर साझा कार्रवाई करेंगे।
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सादा बोरों में भरकर ले जाते हैं चावल
बीते दो दिन में आपूर्ति विभाग और पुलिस ने यमुनापार टेढ़ी बगिया रोड स्थित अवैध गोदाम से 131 कट्टे चावल, 17 कट्टे गेहूं और कागरौल में ट्रक में लदा 366 क्विंटल चावल जब्त किया है। यह चावल-गेहूं प्लास्टिक के कट्टों में भरे हुए मिले थे। सरकारी कट्टे न होने से आसानी से दूसरे राज्यों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।

एक क्विंटल पर दोगुना मुनाफा
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 15 रुपये किलो में चावल खरीदते हैं, जिसे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और आटा मिल-चक्की वालों को 30 रुपये में बेचा जाता है। इससे राशन माफिया प्रति किलो पर दुगना मुनाफा कमाते हैं।
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