नकली, नशे की दवाएं, सैंपल की दवाएं, सरकारी दवाओं की कालाबाजारी का रैकेट आगरा में पकड़ा जा चुका है। यहां बीते 5 साल में 250 करोड़ की नकली-नशे की दवाएं पकड़ी गई हैं। पूछताछ में सामने आया है कि 11 राज्यों के अलावा बांग्लादेश तक दवाओं की कालाबाजारी की जा रही है।
आगरा से नकली कोडीन सिरप, अल्प्रोजोलम, गर्भ निरोधक दवाएं, गर्भावस्था की जांच की किट, सरकारी अस्पतालों की दवाएं, एक्सपायर्ड दवाओं, सर्जिकल सामान की कालाबाजारी के रैकेट पकड़े गए हैं। एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स की जांच में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड तक इनकी कालाबाजारी हो रही है। यहां तक कि बांग्लादेश में भी नकली और नशे की दवाएं खपाने का रैकेट पकड़ा गया है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि इन सभी मामलों पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई चल रही है।
ये रहे मुख्य मामले :
- 2023: विजय गोयल की तीन अवैध फैक्टरी में पकड़ी 6.5 करोड़ की नकली सिरप-दवाएं। ये 8-10 राज्यों के अलावा बांग्लादेश तक इनकी कालाबाजारी करता था।
- 2022: रामकुंज कमला नगर निवासी मोहित बंसल की हिमाचल प्रदेश के बद्दी में कैंसर, किडनी, हृदय रोग की नकली दवाएं बनाने की फैक्टरी पकड़ी।
- 2022: गढ़ी भदौरिया में चल रही अवैध तरीके से नकली सर्जिकल सामान बनाने की फैक्टरी पकड़ी। इसका संचालक राजन अग्रवाल था, ये मौके से फरार हो गया था।
- 2021: आवास विकास कॉलोनी निवासी प्रदीप और धीरज राजौरा एक्सपायर्ड दवाओं की री-पैकिंग कर बिक्री करता था। मथुरा में इसकी नकली दवा की फैक्टरी भी मिली।
- 2020: कमला नगर के जितेंद्र उर्फ विक्की अरोरा-कपिल अरोरा की नशे की दवाओं की कालाबाजारी की। पंजाब पुलिस ने इसके तीन गोदाम सील किए।
- 2020: दिल्ली की नारकोटिक्स टीम ने फ्रीगंज के दो गोदाम पर छापा मारा। यहां तीन दिन तक कार्रवाई चली। यहां करीब 225 करोड़ की दवाएं जब्त हुईं।
- 2020 कमला नगर के पंकज गुप्ता का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा। यहां नकली, एक्सपायर्ड दवाएं, सरकारी दवाएं जब्त हुईं। गोदाम भी सील हुए।