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जयपुर हाउस डकैती का मास्टरमाइंड निकला BJP कार्यकर्ता, यूं की गई पूरी प्लानिंग

Fri, 05 Jan 2018 12:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के जयपुर हाउस में 28 दिसंबर की दोपहर सराफ राकेश मित्तल के घर डकैती नए बदमाशों के गिरोह ने डाली थी। इनका आपराधिक इतिहास नहीं है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से केस का खुलासा हो जाने का दावा किया है। 
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वारदात में तीन महिलाओं समेत कुल 18 बदमाश शामिल रहे। तीनों महिलाओं समेत 11 गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इनसे लगभग 30 लाख कीमत का माल बरामद हुआ है।

एसएसपी अमित पाठक ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता में खुलासे की जानकारी दी। गिरफ्तार बदमाशों में पीलीपोखर का राहुल तोमर, एत्माद्दौला के शोभा नगर का सोनू भदौरिया, हाथरस के सादाबाद का विशाल तोमर उर्फ बब्बू, सादाबाद के ही नगला सोरइया का अभिषेक चौधरी, नगला मान सहाय का नीटू उर्फ नीतेंद्र कुमार बघेल हैं।  

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
मजौरा का डेशू उर्फ देशवीर, ऊंचा बघैना का अशोक कुमार, एत्मद्दौला के शोभा नगर के राजेन्द्र भदौरिया की पत्नी गुड्डू, सोनू भदौरिया की पत्नी शशि, राहुल तोमर की पत्नी सोनम और शिव नगर बल्केश्वर का रामशंकर राठौर भी शामिल हैं। इनमें से छह बदमाश घर के अंदर दाखिल हुए थे।

बाकी बाहर थे।  फरार अपराधियों में डीके उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ धन्ना , बाबू, शेखर, छोटे उर्फ  सोनू पंडित, एटा के निधौली कलां का लोकेन्द्र चौहान और योगेश चौहान के नाम हैं। इनसे लगभग 30 लाख के जेवरात, 1.80 लाख कैश, एक कार , पांच मोटर साइकिल और दो तमंचे बरामद किए गए हैं।

ये है मास्टर माइंड BJP कार्यकर्ता

लूट का माल - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि डकैती की योजना राहुल तोमर ने तैयार की। वह जयपुर हाउस और आस पास लोगों को ब्याज पर पैसा देता है। कुछ दिनों से कर्ज में था। उस पर आठ से दस लाख की देनदारी हो गई थी। 

उसने डीके उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ धन्ना से कहा कि  जयपुर हाउस में लूट करते हैं, यहां कई घरों में काफी माल है। डीके मकानों में इंटीरियर का काम करता है। जयपुर हाउस में भी कई कोठियों में काम कर चुका है।

उसने कहा कि वह पहले ही कई घर चिन्हित कर चुका है। अब बस काम करने की देर है। राहुल और डीके योगेश के पास गए। योगेश लूट में पहले जेल जा चुका है। उसे बताया गया कि राकेश मित्तल के घर तीन करोड़ का माल मिलेगा। इस पर योगेश ने पूरा गैंग बुला लिया। ये सभी लोग पांच दिन पहले रेकी करने आए थे। 

इसके बाद दो दिन लगातार राकेश मित्तल के घर पर नजर रखे थे। घटना से पहले प्रकाश नगर वाले रास्ते पर इकट्ठा हुए थे। यहीं पर कैमरे में कैद हो गए। बदमाश नए थे, इसलिए पुलिस पहचान नहीं पा रही थी। फोटो जेल में दिखाए गए। वहां योगेश का चेहरा पहचान लिया गया। 

पुलिस उसकी तलाश में लग गई। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। इसी से पूरा केस खुल गया। जिन महिलाओं ने बदमाशों की मदद की, उन्हें शरण दी, पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाया है। हालांकि भाजपा के जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया ने राहुल तोमर के भाजपा से जुड़े होने से इनकार किया है। 
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पीड़ित परिवार बोला, हम संतुष्ट नहीं

सराफ राकेश मित्तल केपरिवार का कहना है कि पुलिस ने केस तो सही खोला है लेकिन वे अभी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। कारण यह है कि खुलासे में कमी हैं। एक तो पूरा माल बरामद नहीं हुआ है। दूसरा कई बदमाश भी नहीं पकड़े गए हैं। तीसरा, जिसने मुखबिरी की, उसका पता नहीं चला है।

वह फिर से वारदात न करा दे। पुलिस ने लगभग 30 लाख का माल बरामद किया है। इसे लूटे गए सामान का 65 फीसदी बताया जा रहा है। इस लिहाज से डकैती लगभग 50 लाख की हुई। लेकिन राकेश मित्तल के परिवार का कहना है कि बरामद रकम बहुत कम है। जो छह बदमाश घर में घुसे, उनमें से तो एक ही पकड़ा गया है।

डकैती में गया माल शिव नगर बल्केश्वर के सराफ रामशंकर राठौर ने खरीदा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। अभी सात बदमाशों की गिरफ्तारी शेष है। उन्होंने भी माल बेच दिया होगा, ऐसा पुलिस का मानना है। एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि उनसे माल खरीदने वाले लोग भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
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