ताजनगरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 37 साल का सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। अपने गठन के बाद पहली बार 1985 में विधानसभा चुनाव में उतरी पार्टी ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र में एक सीट जीतकर खाता खोला था। इसके बाद 1993 में राम लहर में पार्टी के छह विधायक चुने गए। वर्ष 2007 और 2012 के चुनावों में पार्टी के दो-दो विधायक ही चुने जा सके। मोदी लहर में 2017 में क्लीन स्वीप करके नौ विधानसभा सीटों पर कब्जा कर लिया। इस बार पार्टी पर पुराना प्रदर्शन बरकरार रखने की चुनौती है।
ताजनगरी की सियासत में पहली बार 37 साल पहले भाजपा मैदान में उतरी तो 2017 के चुनाव परिणाम से अपनी मजबूती को साबित कर दिया। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार 1989 के चुनाव में भाजपा के तीन विधायक चुने गए तो 1991 के चुनाव में पांच सीटों पर विजय पताका फहराई। राम लहर में 1993 के चुनाव में पार्टी के छह विधायक चुने गए। 1995 में एक बार फिर से भाजपा का ग्राफ गिरा और वह चार सीट ही जीत सकी।
2017 के चुनाव में किया क्लीन स्वीप
वर्ष 2002 में एक बार फिर भाजपा के पांच सीटें जीतकर ताजनगरी की सियासत में अपनी जमीन को मजबूत किया। भाजपा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बीते विधानसभा चुनाव 2017 में रहा, जब पार्टी ने सभी 9 सीटें जीतकर जिले में अपना परचम लहरा दिया। हर सीट पर न केवल जीत का अंतर बढ़ा, बल्कि वोट प्रतिशत भी जबरदस्त उछाल पा गया। भाजपा प्रत्याशियों को 64 फीसदी तक वोट पड़े।