डॉ. जीएस धर्मेश राज्यमंत्री
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राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा एवं मुख्य सचिव आरके तिवारी को पत्र भेजकर कहा है कि आगरा का जिला प्रशासन गरीबों को न तो भोजन दिला पा रहा है और न ही आटे का बंदोबस्त करा पा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की भोजन वितरण सही नहीं है, इसीलिए सुबह से ही सांसद, विधायक और मंत्रियों के घर भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आगरा के अफसर जनप्रनिधियों की सुन नहीं रहे। अगर जनप्रतिनिधि कोई राय दें तो उस पर अमल नहीं कर रहे।
आटा चक्कियों को पिसाई के लिए एफसीआई से गेहूं नहीं मिल रहा है, इसलिए आटे की किल्लत है। रोजाना सैकड़ों लोग उनके पास आकर बता रहे हैं कि आटा नहीं मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि अगर अफसरों का रवैया नहीं सुधरा तो वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले उन्होंने कहा था कि आटा चक्कियों को गेहूं दिया जाए इससे आटे की किल्लत दूर होगी।
112 पर कॉल कीजिए.. पुलिस भोजन पहुंचाएगी
अगर किसी बस्ती में या किसी व्यक्ति को भोजन नहीं मिल पा रहा है तो वह 112 पर कॉल करे, पुलिस भोजन केपैकेट पहुंचाएगी। अमर उजाला के पाठकों के सवाल में यह कहना है कि एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का।
सवाल : खेरिया में मेरा घर है, भोजन नहीं मिल रहा, अकेली हूं, सावित्री देवी
जवाब : पुलिस रोजाना भोजन वितरण कर रही है। आप सिर्फ 112 पर कॉल कर दीजिए।
सवाल : बाइक खराब हो गई है, क्या इसे ठीक कराने के लिए जा सकता हूं - मोहन, छत्ता
जवाब : नहीं, यह लॉकडाउन का उल्लंघन होगा, आप घर में रहें, बाहर निकले तो केस दर्ज हो जाएगा।
सवाल : क्या आगरा में ऐसा कोई नियम लागू किया गया है कि एक बाइक पर एक ही व्यक्ति चलेगा - शिवम, जीवनी मंडी
जवाब : लॉकडाउन में तो एक का भी निकलना गलत है। अगर इमरजेंसी है तो एक को जाने दिया जाता है।
सवाल : घर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, चोर पकड़ा गया, क्या अब चार्जशीट नहीं लगेगी - पीयूष अग्रवाल, कमला नगर
जवाब : नहीं, जांच जारी है, सिर्फ बयान दर्ज नहीं हो रहे हैं, लंबित चार्जशीट जल्द ही कोर्ट भेजी जाएंगी।