विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की सरगर्मियों के बीच विधानसभा चुनाव का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ब्रज क्षेत्र में अपने बूथ और सेक्टर प्रबंधन को कसने की मुहिम शुरू की है। पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से मिले और भाजपा की परीक्षा पास कर बने विस्तारकों को सभी 65 विधानसभा क्षेत्रों में तैनाती शुरू कर दी है।
भाजपा के इस सांगठनिक अभियान के तहत ब्रज प्रांत के अधीन आने वाले आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस, अलीगढ़, बदायूं, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों की सभी 65 विधानसभाओं के लिए विस्तारकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन विस्तारकों के प्रवास, आवागमन और क्षेत्र भ्रमण के लिए पार्टी स्तर पर वाहनों की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
बूथ-पन्ना स्तर पर करेंगे सक्रिय
इन विस्तारकों की मुख्य जिम्मेदारी बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर पार्टी से नाराज या निष्क्रिय चल रहे कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद कायम कर उनकी समस्याएं हल करना और उन्हें दोबारा सक्रिय करना भी इन्हीं का काम रहेगा। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के सियासी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व 2027 के विधानसभा चुनाव की राह को सहज नहीं मान रहा है, अभी से जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याएं दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।
नए रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य
राजनीतिक रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में भाजपा का खासा दबदबा रहा है। वर्ष 2017 में भाजपा ने यहां की 65 में से 57 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने 53 सीटों पर कमल खिलाकर अपना दबदबा साबित किया था। इस बार भाजपा नेतृत्व नए रणनीतिक बदलावों और बूथ प्रबंधन के बल पर अपने प्रदर्शन में और सुधार लाकर नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
पार्टी हमेशा अपने अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर चुनाव जीतती आई है। बूथ और पन्ना प्रबंधन अहम कड़ी हैं, विस्तारकों के माध्यम से पार्टी अपनी सभी कमजोर कड़ियों को कसकर चुनावी समर में उतरने की तैयारी कर रही है।
-पूरन लाल लोधी, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष भाजपा