लंबी जद्दोजहद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आगरा जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने पुराने महारथियों पर भरोसा किया है। चाहे वह पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हों या फिर दूसरे दलों से आए महारथी। दोनों वर्तमान विधायकों को मैदान में उतारा है तो एत्मादपुर सीट से 2012 का चुनाव लड़ चुके राम प्रताप सिंह चौहान और कैंट पर डा. जीएस धर्मेश पर दोबारा दांव खेला है।
यहीं नहीं समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले जितेंद्र वर्मा, पक्षालिका सिंह और हेमलता दिवाकर को भी पार्टी ने अखाड़े में उतारा है। फतेहपुर सीकरी सीट पर चौधरी उदयभान सिंह ने टिकट हासिल की है।
खेरागढ़ से पार्टी ने संगठन की अहम जिम्मेदारियों को निभाते आ रहे पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन के अरमानों पर पानी फेरते हुए पार्टी के पुराने कार्यकर्ता के परिवार पर भरोसा जताया है। वहां से भाजपा के पूर्व विधायक बाबूलाल गोयल के पौत्र महेश गोयल को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा की सूची फाइनल होने के बाद जहां प्रत्याशियों के घरों पर जश्न का माहौल है तो वहीं अन्य दावेदारों के चेहरे लटक गए हैं।
एत्मादपुर- राम प्रताप सिंह चौहान
2012 के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे हैं। बसपा के उम्मीदवार धर्मपाल सिंह से हारे थे। धर्मपाल सिंह (बसपा) को 79982 वोट मिले थे। प्रेम सिंह बघेल (सपा) को 71478 वोट मिले थे। राम प्रताप चौहान (भाजपा) को 50098 मतों के साथ तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। एत्मादपुर क्षत्रिय, बघेल और दलित बहुल सीट है। इस सीट पर भाजपा की ओर से बबिता चौहान और ब्लाक प्रमुख जगवीर सिंह की भी दावेदारी थी।
आगरा कैंट- डा. जीएस धर्मेश
2012 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने जीएस धर्मेश को प्रत्याशी बनाया था। 2017 में भी उन्हीं पर दांव खेला है। 2012 के चुनाव में जीएस धर्मेश दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 61327 वोट मिले थे। बसपा के प्रत्याशी गुटियारी लाल दुबेश को 67786 मत मिले थे। चंद्रसेन टपलू (सपा) को 45684 मत मिले थे। आगरा कैंट सीट दलित बहुल है। इस सीट पर भाजपा से पूर्व मेयर बेबीरानी मौर्य और अंजुला सिंह माहौर की दावेदारी थी।
आगरा दक्षिण- योगेंद्र उपाध्याय
दक्षिण विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने वर्तमान विधायक योगेंद्र उपाध्याय को ही चुनावी दंगल में उतारा है। 2012 के विधानसभा चुनाव में योगेंद्र उपाध्याय ने बसपा प्रत्याशी जुल्फिकार अहमद भुट्टो को हराया था। उपाध्याय (भाजपा) को 74324 वोट मिले थे और भुट्टो (बसपा) को 51364 मत मिले थे। इस सीट पर मुसलिम, दलित, वैश्य, ब्राह्मण, वाल्मीकि समाज के मत अधिक हैं।
आगरा उत्तर- जगन प्रसाद गर्ग
पिछले चार बार से उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट पर लगातार जीत रहे विधायक जगन प्रसाद गर्ग पर भाजपा ने पांचवीं बार भरोसा जताया है। 2012 के चुनाव में जगन प्रसाद गर्ग ने सीधे मुकाबले में बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार अग्रवाल को हराया था। जगन (भाजपा) को 68401 मत मिले थे। राजेश कुमार अग्रवाल (बसपा) को 45045 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। वैश्य, दलित, पंजाबी, ब्राह्मण और जाट बहुल सीट पर इस बार भी मुकाबला रोचक होगा। उत्तर सीट पर भाजपा की ओर नवीन जैन भी दावेदारी कर रहे थे।
आगरा ग्रामीण- हेमलता दिवाकर कुशवाह
समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वालीं हेमलता दिवाकर 2012 में इसी सीट पर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। कालीचरण सुमन (बसपा) को 69969 मत मिले थे जबकि हेमलता दिवाकर कुशवाह (सपा) को 51123 वोट प्राप्त हुए थे। दलित, जाट, पिछड़े वर्ग के वोट यहां अधिक हैं। इस सीट पर भाजपा की ओर से ओमप्रकाश चलनीवाले की प्रबल दावेदारी थी। ओमप्रकाश 2012 में इसी सीट पर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन महज 22 हजार वोट लेकर चौथे स्थान पर थे।
फतेहपुर सीकरी- चौधरी उदयभान सिंह
दयालबाग विधानसभा सीट से 1993 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीते थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी दावेदारी की थी लेकिन उनके स्थान पर चौधरी बाबूलाल को पार्टी ने फतेहपुर सीकरी से लोकसभा का चुनाव लड़ाया था। अब पार्टी ने जाट बहुल सीट फतेहपुरी सीकरी से उदयभान को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र फौजदार की जमीनत भी नहीं बची थी। जितेंद्र फौजदार को महज 6927 मत मिले थे। बसपा के सूरजपाल इस सीट पर दो बार से जीते रहे हैं। इस बार भाजपा की ओर से राजकुमार चाहर, रामेश्वर सिंह भी दावेदारी कर रहे थे।
खेरागढ़- महेश गोयल
खेरागढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा ने 1991 में भाजपा के विधायक रहे बाबूलाल गोयल के पौत्र महेश गोयल को मैदान में उतारा है। बाबूलाल गोयल ने 1991 में 35 हजार मत पाकर जनता दल के मडंलेश्वर सिंह को 900 वोटों से हराया था। इस सीट पर भाजपा के रमेशकांत लवानियां भी जीते थे। पिछले कई बार से इस सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। 2012 के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी अमर सिंह परमार 21304 चौथे स्थान पर रहे थे। यहां से बसपा के भगवान सिंह कुशवाह 69533 वोट पाकर विधानसभा पहुंचे थे। क्षत्रिय, ब्राह्मण, कुशवाह और वैश्य बहुल सीट है। इस पर भाजपा की ओर से जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, श्याम सुंदर पाराशर की भी दावेदारी थी।
फतेहाबाद- जितेंद्र वर्मा
सपा छोड़कर आए जितेंद्र वर्मा को पार्टी ने मैदान में उतारा है। जितेंद्र के आने से सपा छोड़कर आए विधायक छोटेलाल वर्मा को करारा झटका लगा है। 2012 के चुनाव में फतेहाबाद सीट पर पार्टी को करारी शिकस्त मिली थी। बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े छोटेलाल वर्मा 73098 मत मिल थे। छोटेलाल पहले सपा में गए और फिर चुनाव से ठीक पहले उन्होेंने भाजपा ज्वाइन की थी। जितेंद्र बाह सीट पर तैयारी कर रहे थे लेकिन अरिदमन सिंह के भाजपा में आने से पार्टी ने उन्हें फतेहाबाद से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर 2012 में भाजपा के गिर्राज सिंह कुशवाह 20502 मत पाकर तीसरे स्थान पर थे। इस सीट पर छोटेलाल वर्मा, रूपाली दीक्षित, गिर्राज सिंह की भी दावेदारी थी।
बाह- पक्षालिका सिंह
चंबल घाटी की इस सीट पर प्रारंभ से ही भदावर राजघराने का दबदबा रहा है। अरिमदन सिंह छह बार इस सीट से विधायक रहे हैं। 2007 के चुनाव में उन्हें बसपा के मधुसूदन शर्मा ने शिकस्त दी थी। 2012 के चुनाव में अरिदमन सिंह सपा से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे। 2012 के चुनाव में आकाशदीप (भाजपा) 2411 वोट मिले थे। उनकी जमानत भी नहीं बच पाई थी। अरिदमन सिंह ने पत्नी पक्षालिका सिंह के साथ शनिवार को भाजपा ज्वाइन की थी। भाजपा ने पक्षालिका सिंह को प्रत्याशी बनाया है। गौरतलब है कि भाजपा में आने से पहले वे खेरागढ़ सीट पर सपा की प्रत्याशी थीं।