आगरा-फीरोजाबाद एमएलसी सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख 15 फरवरी की सुबह भाजपा प्रत्याशी घोषित किए गए टीपी सिंह अपना पर्चा दाखिल नहीं कर पाए। उनका कहना है कि नामांकन के लिए जाते समय शास्त्रीपुरम स्थित उनके आवास के पास से उनका अपहरण कर लिया गया। अपहर्ता उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें एक घंटा इधर उधर घुमाते रहे। नामांकन का समय गुजर जाने के बाद उन्हें कीठम के पास चलती गाड़ी से फेंककर भाग गए। उधर, पुलिस ने घटना को संदिग्ध बताया है जबकि सपा नेताओं ने इसे भाजपा का ड्रामा करार दिया है।
उधर, कलेक्ट्रेट पर नामांकन कक्ष के बाहर सपाइयों ने खुलकर दबंगई दिखाई। पुलिस अधिकारियों के सामने ही भाजपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र फाड़ दिया और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। इसके बाद सपा के नारे लगाए। पुलिस ने उन्हें रोकने का जरा भी प्रयास नहीं किया।
टीपी सिंह को सोमवार को नामांकन करना था। इसके लिए वे दोपहर लगभग 2.30 बजे शास्त्र्ीपुरम स्थित अपने घर से निकले। उनके मुताबिक, वे शास्त्रीपुरम चौराहा के पास पहुंचे ही थे कि फॉरचूनर, स्कॉर्पियों और बुलेरो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। इनमें से 5-6 युवक उतरे और उनके ड्राइवर अनंत प्रताप की कनपटी पर तमंचा लगा दिया। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही अपहरणकर्ताओं ने टीपी सिंह को खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
ड्राइवर ने तत्काल प्रत्याशी के परिवारीजनों को इसकी सूचना दी। इसके बाद 100 नंबर पर पुलिस को घटना के बारे में बताया। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई। उनका मोबाइल स्विच आफ था।
इसके बाद करीब पौने चार बजे टीपी सिंह ने भाजपा नेताओं को फोन कर बताया कि अपराह्न लगभग 3.44 मिनट पर अपहरणकर्ता उन्हें कीठम से आगे एनएच-2 पर निर्माणाधीन सड़क किनारे फेंक गए। तब तक नामांकन का वक्त ( दोपहर तीन बजे ) खत्म हो चुका था।
घटना पर एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि अपहरण की सूचना पर चेकिंग कराई गई। घटनास्थल शास्त्रीपुरम में केनरा बैंक की शाखा के सामने बताया गया था। यहां के लोगों ने घटना की पुष्टि नहीं की। यह संदिग्ध प्रतीत हो रही है। पुलिस जांच कर रही है। कलक्ट्रेट में सपाइयों द्वारा भाजपा उम्मीदवार का पर्चा फाड़े जाने के सवाल पर उनका कहना था कि इसकी शिकायत नहीं मिली है।
उधर, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर का कहना है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भाजपा के कथित प्रत्याशी के अपहरण और उनका नामांकन पत्र फाड़ने के आरोप निराधार हैं। भारतीय जनता पार्टी के लोग समाजवादी पार्टी को बेवजह बदनाम कर रहे हैं।