बाह में भगवान पार्श्वनाथ एवं चंद्र प्रभु के जन्म कल्याणक महोत्सव पर निकाली गई श्रीजी की रथयात्र
बाह। भगवान पार्श्वनाथ एवं चंद्रप्रभु का सोमवार को बाह में जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा के बाद रथयात्रा निकाली गई। श्रीजी की रथयात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गो से होकर गुजरी। रास्ते में फूल बरसाकर लोगों ने स्वागत किया। श्रीजी की आरती उतारी गई।
रथयात्रा में भगवान पार्श्वनाथ एवं चंद्रप्रभु के अहिंसा, सत्य, संयम, करुणा एवं त्याग के संदेश गूंजे। विधान में अखिल जैन ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ ने सर्प-युगल को बचाकर एवं भगवान चंद्र प्रभु ने राज-वैभव त्याग कर आत्म कल्याण के लिए धर्म आचरण के पालन से शांति एवं मुक्ति मिलने का संदेश दिया था। रथयात्रा के समापन पर पूजन और आरती हुई। शांतिधारा का सौभाग्य अमित जैन, कुबेर बनने का सौभाग्य राजेश जैन, आरती एवं उद्घाटन का सौभाग्य पंकज जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान दयाशंकर बोहरे, मनीष जैन, सपन जैन, विनय जैन, नवीन जैन, मुकेश जैन, सोनू जैन, सोनू पचौरी, साधना, रचना, सोनी, स्नेहलता, माया देवी, ममता, रजनी जैन, अंजू जैन, सोनाली जैन आदि रहे। संवाद