टूंडला। शिक्षा का मंदिर ठा. बीरी सिंह डिग्री कॉलेज का हाल इन दिनों प्राइमरी स्कूल से भी बदतर हो चुका है। यहां अव्यवस्थाओं का अंबार है। छात्रों के बैठने के लिए न तो यहां व्यापक व्यवस्थाएं हैं और न ही क्लासरूम में पंखे लगे हैं। अगर कुछ है तो सिर्फ डिग्री कॉलेज के नाम पर जर्जर बिल्डिंग। इसके बावजूद प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन का इस ओर ध्यान नहीं है। वहीं एक ओर महाविद्यालय प्रबंधन में प्राचार्य पद को लेकर घमासान मचा हुआ है।
ये कॉलेज दशकों पुराना है, लेकिन समय के साथ-साथ यह अव्यवस्थाओं के मकड़जाल का शिकार हो गया। इस विद्यायल में पढ़ने वाले सैंकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए यहां क्लासरूम की व्यवस्था तो है, लेकिन ऐसी भीषण गर्मी में भी पंखे नहीं हैं। शौंचालय का हाल बेहाल है। कॉलेज के कमरों की छतें व दीवारें भी टूट रही हैं। जिसकी ओर प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है। कहने को नए सत्र का शीघ्र की शुभारंभ होने जा रहा है। मगर कालेज में शिक्षा के प्रति किसी का ध्यान न होकर प्राचार्य की कुर्सी की राजनीति चल रही है।
राजनीति का अखाड़ा बना डिग्री कॉलेज
टूंडला। कॉलेज इन दिनों प्राचार्य की कुर्सी को लेकर राजनीति का अखाड़ा बन चुका है। प्रोफेसर से लेकर कमर्चारियों तक राजनीति करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। एक और प्राधिकृत नियंत्रक/जिलाधिकारी द्वारा दिए नियुक्ति के बावजूद सीनियर प्रोफेसर चार्ज लेने को तैयार नहीं हैं तो वहीं नौवें नंबर की एक प्रोफेसर को पूर्व प्राचार्य ने चार्ज दे दिया है।
शिक्षकों ने इन बिंदुओं से डीएम को कराया अवगत
टूंडला। कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजना कुलश्रेष्ठ, निर्मला सिंह, ज्वाला सिंह व डॉ. कमलेश वर्मा ने डीएम को मेल भेजकर अवगत कराया है कि उनके द्वारा कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अजय गुप्ता को नियुक्त किए जाने से हर्ष का माहौल है। आरोप है कि कॉलेज के समस्त अभिलेख पूर्व प्राचार्य डॉ. बहादुर सिंह के पास हैं। जो आज तक किसी को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति कर कार्यभार ग्रहण पत्र व जरूरी सेवा संबंधी पत्रावलियां भी उनके पास हैं।
कॉलेज निरीक्षण को आईं एसडीएम चौंकी
टूंडला। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जांच के लिए पहुंची एसडीएम डॉ. बुशरा बानों भी चौंकी गईं थीं। उन्होंने बताया कि इस कॉलेज में छात्र कैसे, कहां बैठकर पढ़ते हैं। कहां लघुशंका के लिए जाते हैं। छतों के प्लास्टर चटके पड़े हैं। क्लासरूम में बैंच व डेस्क नहीं हैं। कमरों में दरबाजे तक नहीं लगे हैं। उन्होंने बताया कि कालेज की रिपोर्ट डीएम को सौंपी है।