बिजली कटौती क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। 24 घंटों में सिर्फ आठ से दस घटे आपूर्ति दी जा रही है। इससे गुस्साए क्षेत्रीय लोगों ने मंगलवार को विद्युत फीडर पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने गेट पर ताला डालकर कर्मचारियों को बंदी बना लिया और जमकर नारेबाजी की।
बिजली कटौती के चलते किसानों को आलू, गेहूं, सरसों आदि फसलों की सिंचाई करने में दिक्कत खड़ी हो रही है। वहीं, कस्बे में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। इससे गुस्साए क्षेत्र के लोगों ने मंगलवार को सुबह 10 बजे अकोला विद्युत फीडर पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। वहां गेट पर ताला डालकर कर्मचारियों को बंदी बना लिया। नेतृत्व कर रहे जितेंद्र सिंह उर्फ लाला भैया और सुरेंद्र सिंह ने अधिशासी अभियंता से फोन पर वार्ता की। किसानों ने कहा कि जब तक पूरी बिजली नहीं दी जाती तब तक बकाए का भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्या को नजरंदाज किया गया और विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फोन पर वार्ता के दौरान अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि जल्द ही 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद ही लोग विद्युत फीडर से हटे। इस मौके पर विशंभर सिंह, श्यामलाल पहलवान, पुरुषोत्तम सिंह, वीरपाल सिंह, सत्यभान सिंह, अवधेश, उदयवीर सिंह, गोर्धन सिंह, संतोष कुमार, राजवीर सिंह, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।