एक तरफ जहां प्रदूषण में अपना शहर रिकॉर्ड कायम कर रहा है वहीं, दूसरी ओर ऊर्जा संरक्षण में दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) ने रिकॉर्ड बनाया है। सौर ऊर्जा उत्पादन में डीईआई ने दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं, यूपी सेव एनर्जी अभियान में यहां के छात्र-छत्राओं ने सर्वाधिक पंजीकरण कराकर विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान दिलाया है।
मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र प्रताप ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण दिवस 14 दिसंबर को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देशदीपक वर्मा ने ऊर्जा संरक्षण एवं सेव एनर्जी रजिस्ट्रेशन में उपलब्धि के लिए डीईआई की सराहना की थी। साथ ही सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन की श्रेणी में इसे द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया था। वहीं, यूपी सेव एनर्जी रजिस्ट्रेशन में सर्वाधिक पंजीकरण होने पर उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया।
750 किलो वॉट विद्युत उत्पादन
डीईआई ने यह उपलब्धि ऐसे ही हासिल नहीं की है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर यहां काफी कार्य किए जाते हैं। प्रदूषण कम हो, इसलिए दयालबाग में वाहनों का उपयोग कम होता है। साथ ही पॉलीथिन भी पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। पिछले दो साल में सौर ऊर्जा का प्रयोग भी काफी बढ़ा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय कैंपस पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर ही निर्भर है। यहां प्रतिदिन सौर ऊर्जा से 750 किलो वॉट बिजली का उत्पादन होता है। इसी से पूरे कैंपस के लाइटें, पंखे तथा विद्युत के अन्य उपकरण चलते हैं।
हास्टल में सोलर स्टीम कुकिंग
यहां के हास्टल में भी खाना पकाने के लिए एलपीजी, पीएनजी या अन्य ईंधन का कम ही प्रयोग होता है। हास्टल में विद्यार्थियों के लिए ‘सोलर स्टीम कुकिंग’ के माध्यम से भोजन तैयार किया जाता है।