एक अन्य याचिका निकिता शर्मा ने अपने नाम से दायर की थी। उस पर अभी सुनवाई होनी है। कोर्ट ने निकिता और उसके पिता के गैर जमानती वारंट जारी किए थे। पुलिस ने फरारी के चलते पिता-पुत्री पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस इस मामले में निकिता की मां और बहन को जेल भेज चुकी है।
बेटे की मौत के सदमे से नहीं उबरे
मानव शर्मा की बहन आकांक्षा शर्मा का कहना है कि मानव की मौत ने माता-पिता को तोड़ दिया है। वह रोजाना उसे याद करते हैं। भाई अपनी जान नहीं देता। उसे मजबूर किया गया। भाई को इंसाफ दिलाने के लिए वह कोर्ट में ठोस पैरवी करेंगे। दूसरी ओर, पुलिस 40 दिन से दबिश दे रही थी। पुलिस का कहना था कि अगर निकिता पुलिस के सामने आ जाती तो शायद घरवालों को जेल नहीं जाना पड़ता।