आगरा में एक महिला की शादी का सच ढाई साल बाद सामने आया, जब पता चला कि उसका पति पहले से शादीशुदा था। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद विवाह को शुरुआत से ही अमान्य मानते हुए शून्य घोषित कर दिया।
सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम खाने वाले एक जोड़े का वैवाहिक बंधन ढाई साल में ही टूट गया। पत्नी को पता चला कि उसका पति पहले से ही शादीशुदा था। अदालत ने पत्नी की याचिका स्वीकार करते हुए शादी को शून्य घोषित कर दिया।
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सैंया क्षेत्र की रहने युवती की शादी एक वेबसाइट के माध्यम से मिलने के बाद जून 2020 में गौतमबुद्ध नगर निवासी युवक के साथ हुई थी। शादी के बाद युवती अपने पति के साथ केवल सात दिन ही रह पाई। पति और उसके परिवार की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न के कारण वह अपने पिता के घर आकर रहने लगी। दिसंबर 2022 में युवती को पता चला कि उसका पति पहले से शादीशुदा था।
तब युवती ने अपनी शादी को शून्य घोषित किए जाने की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया तो पति की ओर से तर्क दिया गया कि याचिका खारिज की जानी चाहिए क्योंकि पत्नी किसी भी प्रकार के अनुतोष (राहत) की हकदार नहीं है। पति ने दावा किया कि पत्नी के साथ कोई उत्पीड़न नहीं किया। अदालत ने पत्नी की ओर से प्रस्तुत किए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पाया कि शादी शुरुआत से ही अमान्य थी, क्योंकि एक पक्ष पहले से ही शादीशुदा था।