बड़ा लोन दिलाने का झांसा देकर ग्राहकों से प्री-पेमेंट के नाम पर रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराने के आरोप में चार कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। विभागीय जांच में पांच ग्राहकों से कुल 3,32,418 रुपये की हेराफेरी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बड़े लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर ग्राहकों से ऑनलाइन रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराने और उसे हड़प लेने के मामले में भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड (इंडसइंड बैंक) के चार कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। कंपनी की रिटेल शाखा के ब्रांच मैनेजर जितेंद्र यादव की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
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जितेंद्र यादव ने बताया कि उनकी कंपनी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद महिलाओं व अन्य व्यक्तियों को ई-केवाईसी के आधार पर स्वरोजगार के लिए लोन उपलब्ध कराती है। फील्ड ऑफिसर लोन देने और किस्तों के कलेक्शन का काम करते हैं। आरोप है कि आगरा-2 रिटेल शाखा में तैनात चार कर्मचारियों ने कुछ ग्राहकों को बड़ा लोन दिलाने का झांसा दिया और उनके खाते से प्री-पेमेंट बताकर रकम ऑनलाइन अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।
इनमें कर्मचारी विकास (निवासी हुमायूंपुर, फिरोजाबाद) पर दो ग्राहकों के 70,054 रुपये, रवि कुमार (निवासी टुंडला, फिरोजाबाद) पर एक ग्राहक के 62,539 रुपये, जय प्रकाश धनगर (निवासी बरारा) पर एक ग्राहक के 73,867 रुपये और सुनील कुमार (निवासी अंबे नगर, फिरोजाबाद) पर एक ग्राहक के 25,958 रुपये की हेराफेरी का आरोप है। विभागीय सत्यापन के दौरान पांच ग्राहकों से कुल 3,32,418 रुपये की राशि का हेरफेर सामने आया है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि शिकायत पर जांच कर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।