शिक्षित बनो और संगठित रहो का आह्वान जीआईसी मैदान में सजे सम्राट अशोक के महल से हुआ। मौका था भीमनगरी के आगाज का। सियासत के साथ समाज के नेताओं ने डा. अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलने का संदेश दिया। पचकुईयां क्षेत्र में सजी भीम नगरी के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ बुधवार रात कांग्रेस सांसद राज बब्बर ने किया। इसके बाद देर रात तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
राजबब्बर ने कहा कि डा. अंबेडकर जाति विशेष या सियासत के दायरे में नहीं बांधे जा सकते। वह आने वाले सालों में देव पुरुष कहलाए जाएंगे। महात्मा गांधी और डा. अंबेडकर दोनों सहमति और असहमति की विचारधाराएं थी, लेकिन एक साथ चलीं। देश के विकास में इंजन की तरह दोनों का योगदान रहा और आजाद भारत में डा. अंबेडकर के विचारों को सम्मान दिया गया।
सियासी चेहरों में विधायक जगन प्रसाद गर्ग, गुटियारी लाल दुबेश, काली चरन सुमन, भगवान सिंह कुशवाह, वीरू सुमन, मेयर इंद्रजीत आर्य, कांग्रेस नेता उपेंद्र सिंह, दुष्यंत शर्मा, अबरार अहमद, बसपा जिलाध्यक्ष मलखान सिंह व्यास मौजूद रहे। इस दौरान भीमनगरी केंद्रीय कमेटी के करतार सिंह भारतीय, धर्मेंद्र सोनी, भरत सिंह के साथ स्थानीय कमेटी के पदाधिकारियों ने अतिथियों का साफा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया।
कैप्शन : पचकुईया मैदान में बने भव्य सम्राट अशोक महल के मंच पर सांसद राजबब्बर ने डा. अंबेडक र और भगवान बुद्ध की प्रतिमा का माल्यार्पण कर भीमनगरी का उद्घाटन किया।