आज भाई दूज पर्व है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहनें भाई की मंगल कामना करते हुए भाई का तिलक करेंगी। वहीं बड़ी संख्या में भाई-बहन यमुना में साथ-साथ स्नान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो भाई बहन का हाथ पकड़कर यमुना में डुबकी लगाते हैं तो उन्हें यमराज के भय से मुक्ति मिलती है। बृहस्पतिवार को कार्तिक शुक्ल द्वितीया को तिलक करने के लिए अभिजीत मुहूर्त दिन में 11.42 बजे से दोपहर 12.27 बजे तक कुल 45 मिनट का है।
इससे पूर्व सुबह 6.26 बजे से 7:56 बजे तक तिलक का शुभ मुहूर्त है। जो बहनें इन दोनों समय पर भाई का टीका न कर पाएं वो दोपहर 4.56 बजे से शाम 6.26 बजे तक तिलक कर सकती हैं। दोपहर 1.30 बजे से 2.58 बजे तक राहुकाल में टीका करना वर्जित है। इस समय शुभ कार्य करना निषेध माना जाता है।