06एमएनपी-21-कुसमरा में भागवत कथा सुनाते सुशील जी महाराज
- फोटो : MAINPURI
कुसमरा। मनुष्य को सोच समझकर बोलना चाहिए। बोलने व लिखने से पहले चिंतन करना चाहिए। संसार में सारे फसाद बोलने से ही हो रहे हैं। यह प्रवचन कथावाचक सुशील महाराज ने दिए। बेवर रोड स्थित शिवमंदिर के सामने शास्त्री फ्लोर मिल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक ने कहा तीन श्लोकों में भागवत मंगलाचरण का वर्णन है।
प्रथम श्लोक में परम सत्य की वंदना है। सत्य व परम सत्य में अंतर है। संसार में जो कुछ देख रहे हैं वो सत्य है। उन्होंने कहा कि जो गंगा मां भारत भूमि को पवित्र कर रही है, उसकी उत्पत्ति के चार स्थान हैं। पहला उत्पत्ति का स्थान भगवान का चरण, दूसरा स्थान भगवान भोले नाथ की जटा, तीसरा स्थान गंगोत्री, चौथा स्थान बांके बिहारी की कथा में है।
श्याम सिंह कुशवाह, रामनरायन मिश्रा, प्रदीप तिवारी, संजीव तिवारी, रवि मिश्रा, दुर्गेश शुक्ला, कृष्णा सिंह राजावत, राजा मिश्रा, ऋतिक पांडेय, आकाश गुप्ता मौजूद रहे।