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थोक में नीचे, खुदरा में दालें आसमान पर

Tue, 07 Jun 2016 02:38 AM IST
अमर उजाला आगरा
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थोक में नीचे, खुदरा में दालें आसमान पर - फोटो : Amar Ujala
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पिछले साल से चना छोड़ सभी दालों के दाम हुए कम
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खुदरा बाजार में 50 से 70 रुपये प्रति किग्रा की मुनाफाखोरी
सितंबर में उड़द की फसल आने पर और कम होंगे दाम

220 रुपये किलोग्राम उड़द की दाल। बाजार में फुटकर में दाल का ये भाव सुनकर बेशक आप उड़द की दाल न खरीदें, लेकिन दूसरी कोई और दाल भी नहीं खरीद पाएंगे। अरहर से लेकर चना की दाल तक पर महंगाई छाई है। हालांकि थोक बाजार में इनकी कीमतें केंद्र सरकार की सख्ती के बाद कम हुई हैं, लेकिन फुटकर बाजार में कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं।

उड़द की दाल का आयात होने के बाद थोक बाजार में इसकी कीमतें कम हुई, लेकिन फुटकर कीमतें आसमान पर ही हैं। ये हाल तब है, जब गर्मियों में उड़द दाल की मांग बेहद कम रहती है। केवल पापड़ बनाने और कुछ क्षेत्रों में ही उड़द की मांग रहती है। फिर भी थोक में 140 रुपये किग्रा पर बिक रही उड़द को फुटकर में 220 रुपये किग्रा तक बेचा जा रहा है। अरहर दाल थोक में 120, लेकिन फुटकर में 160 रुपये किग्रा है। मसूर दाल 55 पर है और 100 रुपये में बिक रही है। 
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 सर्वाधिक मांग वाली मूंग दाल की कीमत भी सबसे कम है। थोक में यह 75, जबकि फुटकर में 110 रुपये किग्रा पर बेची जा रही है। पिछले साल से दालों की थोक कीमत में 10 से 20 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन फुटकर रेट पुराने ही हैं।

यह है दालों की महंगाई की सबसे बड़ी वजह
उड़द की दाल 110 रुपये में मिल को मिल रही है। प्रोसेसिंग और 2.50 फ ीसदी मंडी शुल्क, एक फीसदी प्रवेश कर के बाद यह 140-160 रुपये में पड़ती है। उड़द की दाल की अधिकांश मिलें बंद हो चुकी हैं। दरअसल, मॉल में दालों का भाव आसमान पर है। फुटकर विक्रेता मॉल के रेट के बराबर ही दालों और अन्य उत्पादों के रेट रख रहे हैं। यही दालों की महंगाई की सबसे बड़ी वजह है। रिटेलर पर अंकुश न होने के कारण कीमतों में कमी हो ही नहीं पा रही।

हरी सब्जियों के दाम भी बढ़े
फुटकर बाजार में सब्जी के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। शनिवार तक 20 रुपये किग्रा पर बिका टमाटर सोमवार को 40 रुपए प्रति किग्रा पर बिका। तेज गर्मी के कारण टमाटर की आवक में आई कमी कीमतें बढ़ने का कारण है। भिंडी भी 20 रुपये किग्रा थी, अब 30 से 40 है। इसी तरह बैंगन, करेला और अरबी 40 और कद्दू 20 रुपये है। आलू अब 20-24 रुपये किग्रा है। नींबू 80 रुपये किग्रा से नीचे आया ही नहीं और हरा धनिया भी 100 रुपये किग्रा पर बेची जा रही है।
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सितंबर में बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से उड़द दाल आनी शुरू हो जाएगी। तब कीमतें और कम होंगी। विदेश से दालें आई हैं, लेकिन खुदरा व्यापारी मॉल की प्रतिस्पर्धा में रेट नीचे नहीं कर रहे।
- द्वारका प्रसाद
मंत्री, आगरा दाल मिल एसोसिएशन

दालों के दाम पिछले साल से कम हैं, लेकिन फुटकर विक्रेताओं पर कोई अंकुश ही नहीं है। दालों की आवक में ज्यादा कमी नहीं है।
- जय प्रकाश अग्रवाल
अध्यक्ष आगरा खाद्य व्यापार समिति
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