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इमरजेंसी में घायल के परिजनों का हंगामा, जूनियर डॉक्टरों को पीटा

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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में मंगलवार शाम को सड़क हादसे में घायल युवक के परिजनों ने हंगामा कर दिया। वह इलाज नहीं होने का आरोप लगा रहे थे। जूनियर डॉक्टरों के रोकने पर उन पर हमला बोल दिया। इससे इमरजेंसी में अफरातफरी मच गई। बाद में जूनियर डॉक्टरों ने दो लोगों को पकड़ लिया जबकि बाइक सवार अन्य हमलावर भाग गए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। जूनियर डॉक्टरों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए काम ठप कर दिया। पुलिस अधिकारी पहुंचे और समझाया। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा था।
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घटना शाम तकरीबन 5:30 बजे की है। रुनकता हाईवे पर मथुरा से लौट रहे युवकों की बाइक ट्रक से टकरा गई। हादसे में एमएम गेट निवासी 22 साल के सलमान की मौत हो गई जबकि उसका साथी इमरान घायल हो गया। परिजन उसे एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि इलाज में देरी की जा रही थी। शिकायत करने पर भी ध्यान नहीं दिया। नाराजगी जाहिर की। इस पर हंगामा होने लगा। जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह हंगामा करने लगे। तीन जूनियर डॉक्टर से मारपीट कर दी।
जानकारी पर अन्य डाक्टर आ गए। उन्होंने घायल के साथ आए दो लोगों को पकड़कर पीट दिया। अन्य लोग भाग गए। सूचना पर पुलिस आ गई। इधर आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने काम ठप कर दिया। कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉक्टर रिचा जैमन और जूडा के अध्यक्ष सोहन स्वरूप इमरजेंसी पहुंचे। जूडा ने मारपीट करने के दो आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया। थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की पहचान के प्रयास किया जा रहा है। जिन लोगों को पकड़ा है, उनसे पूछताछ की जा रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉक्टर मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि एक मरीज गंभीर हालत में आया था। उसका इलाज किया जा रहा था। मरीज के साथ तीमारदार भी थे। उन्होंने डॉक्टर से अभद्रता की। हमला बोल दिया। पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
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एक घंटे तक चिकित्सीय कार्य रहा ठप
जूडा के साथ मारपीट की घटना पर बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर एकजुट हो गए। उन्होंने काम बंद कर दिया। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने काम शुरू किया। तकरीबन एक घंटे तक मरीजों का इलाज प्रभावित रहा।
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