तीन महीने के शिशु को कीठम स्थित भालू संरक्षण गृह लाया गया
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आगरा। बिजली के तारों में करंट छोड़कर मादा भालू को मारने वाले शिकारियों के हाथों से बचकर तीन महीने का भालू अब आगरा के कीठम भालू संरक्षण केंद्र में रहेगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सिद्धधी से आगरा वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम भालू के बच्चे को लेकर आई है। अब यहां उसकी देखभाल की जा रही है। हालांकि मां से बिछड़ा बच्चा रात में रोता ही रहता है।
कीठम के भालू संरक्षण केंद्र में भालुओं के कुनबे में एक साथी और बढ़ गया। इसे भोपाल के सिद्धधी से लाया गया है। वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने तीन महीने के इस भालू को बड़ी दयनीय हालत में पकड़ा है। जंगल में शिकारियों ने बिजली के करंट से शिशु भालू की मां को मार डाला था। तब से तीन महीने का भालू इधर-उधर भटक रहा था। आगरा के संरक्षण केंद्र में इसकी देखरेख की जा रही है, लेकिन यह अभी इस सेंटर के माहौल में रच बस नहीं पाया है। रात में यह रोता रहा, हालांकि केंद्र के कर्मचारी ज्यादातर समय इसी के साथ व्यतीत कर रहे हैं।