आगरा। दुबई की उमस भरी रात में एशिया कप का खिताबी मुकाबला... शरीर पसीने से तर था, लेकिन आगरा की बेटी दीप्ति शर्मा के हौसले और ऊर्जा में कोई कमी नहीं थी। मैच से पहले चिया सीड का सेवन कर खुद को तैयार करने वाली दीप्ति ने मैदान पर उतरकर गेंद से श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। भारत की शानदार जीत के बाद साथी खिलाड़ी ऋचा घोष से बातचीत के एक वीडियो पोस्ट में दीप्ति ने फाइनल के दौरान महसूस की गई उमस, चिया सीड से मिली ऊर्जा और विकेट के बदलते मिजाज से लेकर टीम की रणनीति तक कई दिलचस्प बातें साझा कीं।
दीप्ति ने बताया कि दुबई में नमी काफी थी। ऐसे में मैच से पहले उन्होंने चिया सीड खाया। उनके मुताबिक, इसे लेने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि शरीर में ऊर्जा आ गई है और वह मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार हो गईं। उन्होंने फाइनल की पिच के बारे में बताया कि जब भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही थी, तब विकेट उन्हें अच्छा प्रतीत हो रहा था। बल्लेबाजों को शॉट खेलने में परेशानी नहीं हो रही थी और टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया। गेंदबाजी की बारी आते ही परिस्थितियों को नए सिरे से पढ़ा। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कुछ अलग करने के बजाय टीम की योजना के हिसाब से गेंदबाजी की और उसी के मुताबिक अपनी भूमिका निभाई।
आगरा की बेटी ने फिर निभाई गेम चेंजर की भूमिका
फाइनल में दीप्ति ने गेंदबाजी में तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और श्रीलंका की रन चेज को लगातार दबाव में रखा। ताजनगरी की इस स्टार ऑलराउंडर के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि बड़े मुकाबलों में उनकी सबसे बड़ी ताकत परिस्थितियों को समझकर टीम की जरूरत के मुताबिक खुद को ढालना रही है। एशिया कप की इस खिताबी जीत में दीप्ति ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मंच पर मैच जिताने वाला प्रदर्शन सिर्फ आक्रामक खेल से नहीं, बल्कि हालात को समझने, टीम की रणनीति पर भरोसा करने से जीता जाता है।