आगरा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने विद्युत शवदाह गृह के जीर्णोद्धार, विस्तारीकरण की दिशा में कवायद शुरू कर दी है। मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर के आदेश पर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की तकनीकी टीम ने शनिवार को दौरा कर विकास कार्यों का खाका खींचा। यहां से बैटरी बस डिपो को भी हटाने का निर्णय लिया है।
पहले चरण में बैटरी बस डिपो का 50 फीसदी भाग खाली कराया जाएगा। इसके बाद जैसे ही दूसरी जगह का बंदोबस्त होता है, डिपो को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। यहां भव्य गेट बनाया जाएगा। इसके अलावा चंद्रशेखर पार्क का एक गेट विद्युत शवदाह गृह परिसर की ओर खोला जाएगा। ताकि दाह संस्कार को आने वाले लोग यहां बैठ सकें। इसकी चारदीवारी ऊंची की जाएगी। साथ ही मुख्य गेट के बगल वाली बाउंड्री को तोड़कर यहां रेलिंग लगाई जाएगी। साथ ही यहां लैंड स्केपिंग की जाएगी। सड़क के दूसरी तरफ स्थित उद्यान विभाग की जमीन को भी विकसित किया जाएगा। विद्युत शवदाह गृह में लगाई जाने वाली चार अतिरिक्त भट्ठियों से पहले पूरे भवन का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इसके बाद टीम ने ताजगंज मोक्षधाम का निरीक्षण किया। इसके गेट से घाट तक सुंदरीकरण के कार्य कराए जाएंगे। यमुना की तरफ बाउंड्री को और ऊंचा किया जाएगा, ताकि लोग उसमें गंदगी न फेंक सकें। फाइबर शेड लगाने के अलावा फर्श और सड़क का निर्माण कार्य भी कराया जाएगा। यह टीम विद्युत शवदाह गृह और मोक्षधाम पर होने वाले कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) इस महीने के अंत तक तैयार कर प्रशासन को सौंपेगी। टीम में एक्सईएन एके तोमर, एई ब्रिजेश कुमार, तकनीकी कंसल्टेंट आर्किटेक्ट यशवीर सिंह, क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष सुनील विकल, मंत्री विपिन अमरनाथ गुप्ता, संजीव गुप्ता, मनोज शर्मा, संजय गुप्ता आदि मौजूद थे।