नागा साधुओं के शाही स्नान के साथ लोक मेला शुरू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बटेश्वर तीर्थ में शुक्रवार को नागा साधुओं के पहले शाही स्नान के साथ ही लोक मेला शुरू हो गया। महामंडलेश्वर बाबा बालक दास ने पहले शाही स्नान के बाद कहा कि बटेश्वर को पांचवें महाकुम्भ का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। शाही स्नान से पहले संत महात्माओं ने सप्त कोसीय परिक्रमा की। इस दौरान तलवारबाजी का प्रदर्शन भी किया।
शुक्रवार सुबह आठ बजे महामण्डलेश्वर बाबा बालक दास के नेतृत्व में नागा और साधु-संतों की टोली शिव मन्दिर शृंखला के घाट से सप्त कोसीय परिक्रमा के लिए निकली। विभिन्न देवालयों के दर्शन पूजन के अलावा विभिन्न संप्रदायों के अखाड़ों के भ्रमण के बाद परिक्रमा संपन्न हुई। परिक्रमा मार्ग पर संत महात्माओं के साथ महिला पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जिला पंचायत ने परिक्रमा मार्ग की सफाई नहीं कराई थी। इससे मार्ग में बिखरे पडे़ कांटे और कंकड़ों से साधु-संतों के पैर लहूलुहान हो गये। मार्ग पर सन्त महात्माओं ने तलवारबाजी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। बाद में मुख्य मंदिर के घाट पर नागा साधुओं ने शाही स्नान किया और भगवान ब्रह्मलाल जी मन्दिर में पूजा की। परिक्रमा मार्ग पर पुलिस ने सुरक्षा के इन्तजाम किये थे। स्नान के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। महामंडलेश्वर बाबा बालक दास ने बताया कि बटेश्वर को हर हाल में पांचवें महाकुम्भ का दर्जा दिलाकर रहेंगे। उन्हाेंने जिला पंचायत से परिक्रमा मार्ग की दूसरे शाही स्नान से पहले सफाई कराने की मांग की है। इस दौरान श्यामलाल महाराज, राधेश्याम, निर्मल गिरि, सियाराम, मुकुन्दश्री, रामदास, हरीदास, रघुनन्दन आदि मौजूद रहे।