बटेश्वर के मंदिर कारीडोर में डमरू एवं त्रिशूल की आकृति संग लगी लाइटें
बाह। बटेश्वर आने वाले श्रद्धालु मंदिर काॅरिडोर में तीन रास्तों से प्रवेश करेंगे तो उन्हें डमरू एवं त्रिशूल की आकृति जगमगाती हुई दिखेंगी। काॅरिडोर का भव्य नजारा लाइटिंग में दिव्य दिखेगा।
बटेश्वर में 24.08 करोड़ की लागत से मंदिर काॅरिडोर का विकास हो रहा है। काॅरिडोर में प्रकाश की व्यवस्था का काम प्रगति पर है। जिन खंभों पर लाइटें लगाई गई हैं, उन पर डमरू एवं त्रिशूल की आकृति बनी है। ठेकेदार आलोक गर्ग, श्रीनिवास गोयल, बीके शर्मा, पीयूष गुप्ता, प्रवीन गोयल आदि ने बताया कि मंदिर काॅरिडोर में श्रद्धालु एवं सैलानी तीन द्वारों से प्रवेश कर सकेंगे। रात के वक्त काॅरिडोर प्रकाश से जगमगाएगा। प्रवेश द्वार तो आकर्षक हैं ही, गलियारा को भी भव्य आकार दिया जा रहा है।कॉरिडोर के खंभे खूबसूरत नक्काशी से सजे हैं। काॅरिडोर के विकास के साथ ही प्रकाश के लिए लाइटें लगाई जा रही हैं। शिव का धाम है तो काॅरिडोर की लाइटिंग में डमरू एवं त्रिशूल की आकृति झिलमिलाएगी। बटेश्वर में 106 करोड़ की लागत से प्रदेश सरकार पर्यटन विकास करा रही है। 24 करोड़ की लागत से यमुना के घाट विकसित हो गए हैं। 17 करोड़ की लागत से मंदिरों का संरक्षण हो रहा है। 12.30 करोड़ की लागत से अटल संकुल केंद्र विकसित हो गया है।