कासगंज। जिले में शनिवार रात तेज बारिश और हवा से हुई फसलों की बरबादी पर प्रशासन संवेदनशील हो गया है। एडीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को आकलन के निर्देश दिए हैं। अब रिपोर्ट का इंतजार है।
तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। जिससे गेहूं और जौ की फसलें खेतों में बिछ गईं। तिलहन की फसल सरसों में नुकसान हुआ है। आलू और मटर भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जिससे किसान पूरी तरह बरबादी के कगार पर पहुंच गए हैं। एडीएम अजय कुमार ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्र में बारिश और हवा से फसलों को जो नुकसान हुआ है उसका आकलन करें। क्षति आकलन पूरा कर रिपोर्ट सौंपे। यदि कहीं किसान मुआवजे की श्रेणी में है तो उसकी भी रिपोर्ट दें।
निर्देश मिलते ही तीनों उपजिलाधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में राजस्व टीमें दौड़ा दी हैं। किसान भी मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आंकड़े की नजर से-
- 423 ग्राम पंचायतों में शुरू हुआ आकलन।
- 3 तहसीलों की राजस्व टीमें आकलन में जुटीं।
- 1 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में है गेहूं की फसल
दिए गए हैं निर्देश
- सभी उपजिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फसलों में हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी- अजय कुमार, एडीएम।
सावधानी बरतें किसान
- बारिश से गेहूं की फसल में सबसे अधिक नुकसान है। सरसों की जो फसलें कट चुकी थीं, किसान सावधानी बरतते हुए उन फसलों को सुखाएं उसके बाद मढ़ाई करें- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।