मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार रात को हो रहे एक नाबालिग का विवाह बाल कल्याण समिति व चाइल्ड केयर हेल्प लाइन की सक्रियता से रुकवा दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ पहुंची टीम ने बरात को वापस लौटा दिया और किशोरी के परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया।
कन्नौज से आई थी बारात
कस्बा बेवर के एक गांव निवासी व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटी की शादी कर रहे थे। शनिवार रात कन्नौज से बरात आई थी। इसी बीच किसी ने बाल विवाह की सूचना चाइल्ड केयर हेल्प लाइन और बाल कल्याण समिति को दे दी। सूचना मिलते ही चाइल्ड केयर हेल्प लाइन के जिला कोऑर्डिनेटर राजीव कुमार, बाल कल्याण समिति के सदस्य वेद प्रकाश शुक्ला, प्रशांत शर्मा, जयचंद्र और थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।
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जनवासे में पहुंच चुके थे बाराती
गांव पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि बरात जनवासे में आ चुकी थी। पुलिस ने दूल्हे के पिता और अन्य परिजनों को बताया कि बाल विवाह करना और कराना दोनों ही कानूनन अपराध है। बात समझने के बाद दूल्हा अपनी बरात के साथ वापस कन्नौज लौट गया। इसके बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने किशोरी के परिजनों को बाल विवाह न करने की सख्त हिदायत दी। उन्हें चेतावनी दी गई कि लड़की के बालिग होने तक वे उसकी शादी नहीं करेंगे। दोनों पक्षों से इस संबंध में लिखित सहमति ली गई, जिसके बाद लड़की पक्ष के लोग मान गए और बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोक दिया गया।
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बाल विवाह रोकने में पाई सफलता
चाइल्ड केयर लाइन के जिला कोऑर्डिनेटर राजीव कुमार ने बताया कि सही समय पर सूचना मिलने के कारण बाल विवाह को रोकने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि किशोरी को मंगलवार के दिन जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।