कासगंज। महिला अधिवक्ता मोहिनी तोमर हत्याकांड में पति द्वारा नामजद किए गए आरोपियों में से पांच आरोपियों के अधिवक्ता होने पर बार एसोसिएशन ने विरोध जताया। शुक्रवार को बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल को पत्र लिखकर पति द्वारा दर्ज एफआईआर को भी संदिग्ध बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की। इस दौरान अधिवक्ता शुक्रवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहे।मोहिनी तोमर की हत्या में पति द्वारा छह आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया है। इसमें पांच आरोपी मुस्तफा कामिल, हैदर मुस्तफा, असद मुस्तफा, केशव मिश्रा व मुनाजिर रफी अधिवक्ता हैं। एफआईआर में अधिवक्ताओं की नामजदगी को लेकर शुक्रवार को बार एसोसिएशन ने विरोध किया। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर हड़ताल रखी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बार काउंसिल ऑफ उप्र के उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय एडवोकेट को पत्र लिखा है। इसमें पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं को घटना के संबंध में समुचित जानकारी नहीं देने, किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं होने से उत्पन्न रोष के बारे में बताया है। पत्र में यह भी लिखा है कि पति द्वारा अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर संदिग्ध प्रतीत होती है। अध्यक्ष ने बताया कि बार काउंसिल को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय प्रयागराज एवं उप्र सरकार से घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। ताकि निर्दोष अधिवक्ताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही न हो और दोषी व्यक्ति दंडित होने से नहीं बच सके।
अन्य जनपदों से भी आए अधिवक्ता : शुक्रवार को भी महिला अधिवक्ता को श्रद्धांजलि देने एवं घटना का विरोध जताने के लिए अन्य जनपदों एटा, आगरा, अलीगढ़ से अधिवक्ता कासगंज जिला न्यायालय पहुंचे। उन्होंने भी यहां मामले में सीबीआई जांच करते हुए कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए और निर्दोष को परेशान नहीं किया जाए।