वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर का निर्माण लाल बलुई पत्थर से किया गया है। वर्ष 1864 में लाल पत्थर से बने मंदिर की दीवारों पर पॉलीमर की परत चढ़ा दी गई थी। सर्वेक्षण में एएसआई ने इसे मंदिर की सेहत के लिए खराब बताया। इसके बाद एएसआई की विज्ञान शाखा से सहयोग मांगा गया। आगरा सर्किल के एएसआई विज्ञान शाखा के अधिकारियों की टीम ने हाईपावर कमेटी के निर्देश पर केमिकल ट्रीटमेंट कराने का काम शुरू कराया।
विशेषज्ञों की सलाह से मंदिर की दीवारों से पॉलीमर की परत हटवाई जा रही है। अन्य हिस्सों की वैज्ञानिक ढंग से सफाई के बाद यहां पत्थर के अनुकूल रिवर्सिबल कोटिंग कराई जा रही है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपरी हिस्से के साथ दीवारों का ट्रीटमेंट हो चुका है। कुछ काम बाकी है। ट्रीटमेंट से लाल पत्थर की उम्र बढ़ेगी, जबकि पॉलीमर पेंट से नुकसान पहुंच रहा था।