मंदिर में प्रवेश एवं निकास की रहेगी वन-वे व्यवस्था
ऐसे मिलेगा प्रवेश
बांकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि परिक्रमा मार्ग जुगलघाट की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के द्वार दो से प्रवेश कराया जाएगा, जो कि दर्शन करने के बाद वह द्वार 1 से बाहर निकलकर वीआईपी मार्ग से होते हुए परिक्रमा मार्ग में पहुंचेंगे। जबकि विद्यापीठ चौराहा, हरिनिकुंज चौराहा से आने वाले श्रद्धालु मंदिर के द्वार 3 से प्रवेश करेंगे और दर्शन कर द्वार 4 से निकलकर स्नेहबिहारी मंदिर से दुसायत मोहल्ला की ओर पहुंचेंगे।
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दर्शन का समय चार घंटे बढ़ाया गया
शनिवार को प्रात: 7.45 बजे से दोपहर दो बजे और सायंकालीन सेवा में शाम पांच बजे से रात्रि 11 बजे तक ठा. बांकेबिहारी गर्भ़गृह से बाहर स्वर्ण हिंडोला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। बांकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत का कहना है कि हरियाली तीज पर ठा. बांकेबिहारी प्रात:कालीन एवं सायंकालीन सेवा में 2-2 घंटे दर्शन का समय बढ़ाया गया है।
आरती का बदला समय
स्वर्ण हिंडोला में दर्शन के समय बढ़ाने के साथ ही आरती का समय भी भी बदलाव किया गया है। प्रात:कालीन सेवा में सेवायत का निज मंदिर में प्रवेश प्रात: 6 बजे, प्रात: 7.45 बजे दर्शन खुलेंगे, श्रृंगार आरती प्रात: 7.55 पर, राजभोग सेवा प्रात: 8 बजे, राजभोग आरती मध्याह्न 1.55 बजे के बाद मध्याह्न 2 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। शाम को मंदिर के पट 5 बजे खुलेंगे, शयन आरती रात्रि 10.55 पर होगी इसके बाद रात्रि 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे।