मैनपुरी। दो बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार और मंगलवार बैंक यूनियनों ने हड़ताल के आह्वान के चलते सोमवार को जिले में बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। स्टेशन रोड स्थित इलाहाबाद बैंक के बाहर धरना देने के साथ ही कर्मचारियों ने शहर में जुलूस भी निकाला। हड़ताल से करीब दस करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले नौ यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया है। जिले में भी बैंककर्मी सोमवार और मंगलवार को हड़ताल पर है। सोमवार सुबह होते ही बैंककर्मी कचहरी रोड स्थित इलाहाबाद बैंक (इंडियन बैंक) के सामने एकत्रित हुए। यहां कर्मचारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ धरना दिया।
बैंक कर्मचारी अवधेश श्रीवास्तव ने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एलान किया था कि सरकार ने इस साल दो सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी के निजीकरण का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से दोनों ही बैंकों की हालत खराब हो जाएगी। आर्यावर्त बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुरोध कुमार सिंह भदौरिया ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह के फैसले ले रही है।
बैंकों के निजीकरण से कर्मचारियों का अहित होगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान महाराज सिंह, अमित जैन, राजीव, शशांक पांडेय, अंकित यादव, सतीश चंद्र गुप्ता, बबलू कुमार, दीपेंद्र सिंह चौहान, संजीव कुमार, प्रियांक तिवारी सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।
प्राइवेट बैंक भी बंद कराईं
प्राइवेट बैंक हड़ताल में शामिल नहीं थीं। जुलूस के रूप में निकले बैंक कर्मचारियों ने एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक शाखाओं को बंद करा दिया। एसडीएफसी बैंक में दिनभर ताला लटका रहा। आईसीआईसीआई बैंक का आधा शटर दोपहर बाद कर्मचारियों ने खोल दिया।
मायूस हुए ग्राहक
बैंककर्मियों की हड़ताल की जानकारी न होने के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक निर्धारित समय पर बैंक शाखा के बाहर पहुंच गए। निर्धारित समय के बाद भी जब बैंक शाखा नहीं खुली, तब ग्राहकों ने आसपास के लोगों से पता किया। हड़ताल की जानकारी होते ही वह मायूस होकर वापस लौट गए।
दो बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सोमवार को करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
- अनिल प्रकाश तिवारी, एलडीएम