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100 करोड़ट का कारोबार पहले दिन हुआ प्रभावित

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कासगंज में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बंद एटीएम - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। बैंक कर्मियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल का जिले मेें व्यापक असर देखा गया। राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे।
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जिले में 100 बैंक शाखाएं हैं। इनमें से 3 निजी बैंकों को छोड़कर शेष सभी 97 बैंक शाखाओं के कर्मी हड़ताल पर चले गए। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को ही लोगों को काफी दिक्कतें हो गई। पहले दिन 100 करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित हुआ। जिन ग्राहकों ने एक दिन पहले ही चेक लगाए उनका भी भुगतान नहीं हो सका। बड़ी संख्या में ग्राहक लौट गए।
एटीएम भी दे गए दगा
हड़ताल का असर एटीएम पर भी देखा गया। एटीएम में कैश खत्म हो जाने के बाद ग्राहकों को काफी परेशानी हुई। कार्ड धारक एक एटीएम से दूसरे एटीएम की दौड़ लगाते रहे, लेकिन सभी एटीम में पैसे खत्म हो गए। कई शाखाओं ने तो अपने एटीएम तक नहीं खोले।
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ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी नहीं हो सके
हड़ताल पर चले जाने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सेवा भी प्रभावित हो गई। कारोबारी आरटीजेएस, नेफ्ट बैंकिंग नहीं कर सके।
बैंक यूनियन की यह हैं मांगें
- वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि की जाए।
- बैंकों में पांच दिन का कार्यदिवस हो।
- बेसिक पे में स्पेशल भत्ते का विलय हो।
- एनपीएस को खत्म किया जाए।
- पेंशन का अपडेशन हो।
- परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार
- स्टॉफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटना।
- रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना।
- शाखाओं में कार्यों के घंटे और लंच समय का सही से बटवारा
- अधिकारियों के लिए बैंक में कार्य के घंटे का नियमतिकरण
- कांट्रेक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन
बैंकों के कर्मियों ने अपनी दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी, जिससें बैंकों के कामकाज पर असर पड़ा। लगभग 100 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ा है।
- महेश प्रकाश एलडीएम।

कासगंज में हड़ताल के चलते बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पर लटका ताला- फोटो : KASGANJ

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