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बैंकों और डाकघर में रही हड़ताल 30 करोड़ का लेनदेन हुआ प्रभावित

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पंजाब नेशनल बैंक के बाहर खड़े लोग - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में बृहस्पतिवार को बैंक कर्मचारी और डाक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे बैंकों और डाकघरों में कामकाज ठप रहा। इससे ग्राहक मायूस होकर लौटते रहे। बताया जा रहा है कि हड़ताल से जिले भर में करीब 30 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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बैंकों के निजीकरण और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आल इंडिया बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने बृहस्पतिवार को हड़ताल का ऐलान किया था। इसके चलते जिले के कुल 133 बैंक शाखाओं में से 115 में कामकाज ठप रहा।
बाकी की 18 बैंकों में एआईबीईए के सदस्य न होने के चलते काम होता रहा, लेकिन इन पर हड़ताल का असर नजर आया। बैंक आने वाले उपभोक्ताओं को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। इसके चलते लगभग 30 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित। हड़ताल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौंदा, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया आदि के कर्मचारी मुख्य रूप से शामिल रहे। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते कहीं भी धरना या प्रदर्शन नहीं किया गया।
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उधर प्रधान डाकघर समेत 22 उप डाकघरों में भी कर्मचारियों ने काम नहीं किया। केंद्रीय कर्मचारी परिसंघ के आह्वान पर सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। उन्होंने प्रधान डाकघर परिसर में धरना दिया। परिसंघ के पदाधिकारी कृपाशंकर ने बताया कि वे पुरानी पेंशन बहाली, महंगाई भत्तों पर लगी रोक वापस लेने, रिक्त पदों पर भर्ती करने समेत अन्य दस मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
डाकघरों में काम न होने से लगभग दो करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। इसके साथ ही स्पीड पोस्ट व अन्य कार्यों के लिए आने वाले लोगों को भी लौटना पड़ा। प्रदर्शन में विवेक मिश्रा, प्रमोद कुमार, अहिवरन सिंह, राजवीर, श्यामबाबू, अनिल कुमार, बीके जैन, मनोज कुमार, सर्वेंद्र कुमार, दीपू पाल, देशराज सिंह, अरविंद, सुभाष चंद्र आदि शामिल रहे।
एटीएम भी नहीं आए काम
बैंकों की हड़ताल में एटीएम ही लोगों का एकमात्र सहारा थे। लेकिन यहां भी उन्हें कैश नहीं मिल सका। शहर के अधिकांश एटीम सुबह ही खाली हो गए थे। दिन भर लोग केवल एटीएम पर चक्कर लगाते रहे। रुपयों की जरूरत के बावजूद भी उन्हें कैश नहीं मिल सका।
ग्राहकों की बात
घर में रुपयों की जरूरत है, लेकिन बैंक की हड़ताल के चलते रुपये नहीं निकले। कई अन्य लोग भी बैंक आकर खाली हाथ ही लौट गए।
मोहम्मद साजिद, गोला बाजार।
बैंकों में भीड़ अधिक होने के कारण डाकखाने में खाता खुलवाया था। अब डाकखाने में रुपये निकालने के लिए आए तो हड़ताल के कारण निकासी नहीं हो सकी।
सौदान सिंह, हीरापुर।
एक आवश्यक कार्य के लिए डिमांड ड्राफ्ट की जरूरत थी। हड़ताल के बारे में जानकारी न होने के चलते बैंक आया था। यहां कर्मचारियों ने अगले दिन आने की कहकर लौटा दिया।
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ज्ञानसिंह, चंदरपुर।
कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा ग्राहकों को ही भुगतना पड़ता है। सरकारी और कर्मचारियों की जंग में आखिर जनता का क्या दोष है। इस पर ध्यान देना चाहिए।
रामदत्त, संसारपुर।
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सेवाएं प्रभावित रहीं। जिले भर में बृहस्पतिवार को लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
सुखवीर सिंह, प्रभारी अग्रणी जिला प्रबंधक।
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