सदर तहसील पर ज्ञापन देने पहुंचे दवा प्रतिनिधि ।
कासगंज। श्रम कानूनों के विरोध में होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में दवा प्रतिनिधि व बैंक क्लर्क स्टाफ शामिल हुआ। कर्मियों ने प्रदर्शन कर श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग की। हालांकि, बैंकों में हड़ताल से कामकाज प्रभावित नहीं हुआ क्योंकि अधिकारी स्तर के स्टाफ ने काम किया। लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि क्लर्क स्टाफ की हड़ताल के बावजूद बैंकों का काम आम दिनों की तरह चलता रहा। एफएमआरएआई और यूपीएमएसआरए के आह्वान पर दवा प्रतिनिधियों ने काम बंद रखा। उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में दवा प्रतिनिधि सदर तहसील में एकत्रित हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम संबोधित मांगों का ज्ञापन राजस्व निरीक्षक प्रदीप सक्सेना को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष ने बताया कि पिछले कई वर्षों से संगठन सरकार से विभिन्न मांगें पूरी करने की मांग कर रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते बुधवार को संगठन के राष्ट्रीय व प्रांतीय आह्वान पर जिले के दवा प्रतिनिधियों ने हड़ताल रखी और काम नहीं किया। इन मांगों में चार श्रम संहिताओं को खत्म करने, एसपीई अधिनियम 1976 की रक्षा करने, बिक्री संवर्धन कर्मचारियों के लिए वैधानिक कार्य नियम बनाने, सरकारी अस्पतालों में मेडिकल प्रतिनिधियों के प्रवेश पर प्रतिबंध हटाने समेत अन्य मांगें शामिल हैं। इस दौरान सचिव राजेश वशिष्ठ, राजकुमार विजय, शाहिद लहान, केके सक्सेना, सुजीत वर्मा, आशीष सक्सेना, सुधांशु वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
बैंकों में कामकाज नहीं हुआ प्रभावित :
हड़ताल में बैंक कर्मियों आईबीबी यूनियन से जुड़ा क्लर्क स्टाफ भी शामिल हुआ। केनरा बैंक के मैनेजर चंद्रवीर सिंह ने बताया कि कुछ क्लर्क स्टाफ हड़ताल में शामिल हुआ, लेकिन कामकाज पर असर नहीं पड़ा। एलडीएम वीर सिंह ने बताया कि बैंकों का कुछ स्टाफ हड़ताल पर रहा है, जबकि अधिकारी काम पर आए। इससे बैंक के कामकाज पर कोई खासा असर नहीं हुआ। बैंकों में लोगों को रुपये निकासी या जमा करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई।
रेलवे कर्मियों ने दिया धरना : स्टेशन परिसर में एनआरएमसी कासगंज शाखा कार्यकारिणी के पदाधिकारी सदस्यों ने धरना दिया। कर्मियों ने कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शाखा अध्यक्ष मनोज कुमार यादव, अनुपम वार्ष्णेय, शाखा मंत्री सत्येंद्र पाल माथुर, महेश चंद मीणा,कमलेश कुमार मीणा, अनुपम वार्ष्णेय, प्रदीप कुमार, ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे।