मथुरा के श्रीधाम राधाकुंड क्षेत्र में सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक अपनी पहचान छिपाकर रह रहे हैं। यह अहम जानकारी राधाकुंड नगर पंचायत के सभासदों ने सीओ गोवर्धन को दी है।
सभासदों की माने तो कोई पहचान छिपाकर कर रह रहा है तो किसी ने साधु का भेष धारण कर लिया है। इन बांग्लादेशियों ने पहचान पत्र तक हासिल कर लिए हैं। सहारा आश्रम और महंतों का लिया गया है।
मथुरा में एक सप्ताह के अंदर करीब 14 बांग्लादेशियों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। हैरत की बात यह है कि इन बांग्लादेशियों ने आईडी कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड आदि बनवा लिए थे। इनके बैंकों में खाते भी खुले थे।
तीर्थनगरी को खतरा !
ये बांग्लादेशी नागरिक अपने परिवार संग पहचान बदलकर आश्रमों में रह रहे हैं। कइयों ने महंतों का सहारा लेकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी तैयार करा लिए हैं। इससे तीर्थनगरी को खतरा पैदा हो रहा है।
नगर पंचायत के सदस्यों ने सीओ गोवर्धन जगवीर सिंह को दी जानकारियों में बताया कि पहचान बदलकर राधाकुंड और गोवर्धन में रह रहे बांग्लादेशियों पर बाहर से भी पैसा आ रहा है।
सभासदों ने श्रीधाम राधाकुंड में रह रहे बांग्लादेशियों की अति शीघ्र जांच कराने की मांग की है। कार्रवाई न होने पर सभासद मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस बारे में जानकारी देंगे।
शिकायत करने वालों में सभासद कन्हैया गोस्वामी, छत्तर सिंह, कन्हैया लाल शर्मा, बल्लभ चौधरी, रविंद्र कुमार वशिष्ठ, किशन सिंह, मुद्रा देवी, कौशल किशोर कौशिक, विशाखा दासी, विशाल उपाध्याय, रमाकांत खंडेलवाल शामिल रहे।