आगरा के सिकंदरा में बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद जिलेभर में पुलिस इनके सत्यापन में लगी है। रुनकता में गाजी के कबाड़ गोदाम से पकड़े गए सलमान के परिजन को दिल्ली से बुलाया गया है। उसकी निगरानी की जा रही है ताकि वह कहीं भाग नहीं जाए। पुलिस का कहना है कि शहर में रहने वाले बांग्लादेशियों की घर वापसी के लिए पैरवी की जाएगी। उनके लंबित मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए भी पुलिस कार्य करेगी।
सिकंदरा के सेक्टर-14 में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद से ही झुग्गी बस्तियों में सत्यापन का अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश व राजस्थान के खानाबदोशों की बस्तियों को भी खंगाल रही है। यह देखा जा रहा है कि कहीं मजदूरों की आड़ में बांग्लादेशी नागरिकों ने ठिकाना तो नहीं बना रखा है।
वहीं रुनकता से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक सईद उल गाजी के परिवार से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उनके कर्मचारी सलमान के माता पिता को दिल्ली से बुलाया गया है। इससे उसकी नागरिकता संबंधी सच्चाई उजागर हो सकेगी। एसीपी हरीपर्वत मयंक तिवारी का कहना है कि बांग्लादेशी नागरिकों को उनके वतन वापस भेजने के लिए अब पुलिस काम करेगी। इसके लिए उनके यहां लंबित मुकदमों की पैरवी प्रभावशाली कर जल्द निस्तारित कराया जाएगा। इसके बाद बांग्लादेश के दूतावास से संपर्क करके उनकी घर वापसी कराई जाएगी।
शमसाबाद में शक होने पर 3 पकड़े
शमसाबाद में बृहस्पतिवार को कूड़ा बीनते समय तीन युवकों को बांग्लादेशी होने के शक में हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने पकड़ लिया। पुलिस ने तीनों युवकों से पूछताछ की तो वे उन्होंने खुद को फिरोजाबाद का निवासी बताया। पुलिस के सत्यापन में उनकी बात सही निकली। आईबी ने भी तीनों युवकों के बारे में पुलिस से जानकारी ली।