कासगंज। एक के बाद एक घोटाला इस बात का प्रमाण दे रहा है कि कासगंज जिला जालसाजों का अड्डा बनकर रह गया है। यहां के लोगों को घोटालेबाजों ने बर्बाद कर दिया है। पिछले कई महीनों से शायद ही कोई ऐसा माह गुजरा हो इसमें मामला सामने न आया हो, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक टीम किसी भी घोटाले में उपभोक्ताओं को न्याय नहीं दिला पाए हैं।
जेल में घोटालेबाज, दफन हो रहीं उम्मीद
कासगंज। एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र गोरहा के संचालक अर्जुन ने करीब चार हजार ग्राहकों के साथ घोटाला किया था। लाखों रुपये हजम करने वाला यह आरोपी जेल में है। धीमे धीमे उपभोक्ताओं की उम्मीदें जांच में दफन होती जा रहीं हैं। हालांकि पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया है।
औपचारिकता तक सिमट गई कार्रवाई
कासगंज। मुरादाबाद के संचालकों द्वारा जिले में संचालित की गई प्रेस्टीज कंपनी तमाम निवेशकों के करोड़ों रुपये का घोटाला कर फरार है। निवेशक नेम सिंह, हरिओम सहित कई निवेशकों ने डीएम, एसपी को मामले में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई महज औपचारिकता तक सिमट कर रह गईद्ध
रोजगार के नाम पर दर्द दे गई पीएसीएल कंपनी
कासगंज। जिले में पीएसीएल कंपनी ने भी अपना नेटवर्क फैलाया। इस कंपनी ने निवेशकों से लाखों रुपये निवेश कराए। रोजगार के नाम पर लोगों के साथ छलावा किया। पीड़ित ब्रह्मपुरी निवासी अजय शर्मा की मानें तो उनके 5 लाख रुपये लेकर कंपनी संचालक फरार हो गए। वर्ष 2008 में कासगंज में कंपनी का कार्यालय खुला था। संचालकों की शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
एजेंटों को तलाश रहे हैं हरिपर्वत के उपभोक्ता
कासगंज। वर्ष 2010 में कासगंज में हरी पर्वत इनवेस्टमेंट के नाम से एक कंपनी ने जाल फैलाया। सुनहरे भविष्य का सब्जबाग दिखाकर इस कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ धोखाधड़ी की। लुहर्रा के राम कुमार, सुरेश कुमार ने बताया कि 50 से 70 हजार रुपये तक खातों में जमा थे। कंपनी रुपये लेकर भाग गई। एजेंटों को तलाश रहे हैं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल रहा।
बंदिशों पर मिली है जमानत
कासगंज। सिढ़पुरा के केनरा बैंक में वर्ष 2018 में गोल्ड लोन घोटाला सामने आया था। इस घोटाले में आरोपी वैल्युअर राहुल के अलावा बैंक मैनेजर मनोज कुमार को जेल भेजा गया। न्यायालय ने उपभोक्ताओं के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में भुगतान किए जाने की शर्तों पर मैनेजर को जमानत दी, लेकिन अभी तक सभी उपभोक्ताओं को उनका पूरा पैसा नहीं मिला है।
बदल गई विवेचना फिर भी नतीजा शून्य
कासगंज। वर्ष 2018 के मई माह में कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनी के खिलाफ कासगंज कोतवाली में निवेशकों ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन विवेचना में कोई नतीजा नहीं निकला। अभी पांच माह पहले की बात है जब निवेशकों ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर विवेचक पर मिलीभगत का आरोप लगाया था। तो तत्कालीन एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी थी, लेकिन नतीजा अभी भी शून्य है।
व्यापारियों को लूट ले गया व्यापारी
कासगंज। 4 दिन पहले की बात है जब सिढ़पुरा में व्यापारियों को ही व्यापारी द्वारा ठगने का मामला सामने आया। सुदामानगर निवासी एक व्यापारी के खिलाफ कई व्यापारियों ने पुलिस को तहरीर देकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इस मामले में भी जांच चल रही है।