आगरा में मेट्रो निर्माण कार्य को देखते हुए एमजी रोड पर ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद चालक वाहन दाैड़ा रहे हैं। इससे यातायात संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है। शनिवार रात को शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। 25 वाहनों को सीज कर दिया। आधे से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के पास कागजात तक नहीं मिले।
आगरा कैंट से लेकर कालिंदी विहार तक मेट्रो ट्रैक का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके लिए एमजी रोड पर प्रतापपुरा से लेकर दीवानी चाैराहे तक बैरिकेडिंग लगाई गई हैं। इससे सड़क आधी से कम रह गई है। निर्माण की वजह से सड़क पर कई जगह गड्ढे भी हो गए हैं। इस कारण वाहनों को निकालने के लिए रास्ता नहीं मिलता है। वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की समस्या रहती है। इसे देखते हुए पिछले दिनों पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बैठक की थी। इसके बाद वाहनों की संख्या कम करने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध लगाया। कुछ रास्तों पर इनको सिर्फ क्रास करने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद कई चालक बेधड़क चल रहे हैं।
डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल के मुताबिक, शनिवार रात को नाई की मंडी पुलिस ने चेकिंग की। शाम से लेकर रात तक 25 ऑटो और ई-रिक्शा को पकड़ लिया गया। इनमें कई गलत दिशा से निकल रहे थे। पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। उनके खिलाफ सीज करने की कार्रवाई कराई गई। इसके साथ चालकों को यातायात नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई।
जोन के आधार पर दिए जा रहे क्यूआर कोड
ई-रिक्शा और आटो का जोन भी निर्धारित किया गया है। इनमें पूर्वी, पश्चिमी और नगर जोन शामिल हैं। चालकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण होने के बाद क्यूआर कोड मिलने पर उसे वाहन पर लगाना होगा। इसे स्कैन करने पर वाहन स्वामी, चालक, पते तक की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। जिस चालक को जोन मिला है, उसी जोन में संचालित भी करना होगा। इसके अलग जोन में चलाने पर कार्रवाई की जाएगी।
फुटपाथ तोड़कर सड़क बनाने की तैयारी
एमजी रोड पर सबसे ज्यादा समस्या आगरा काॅलेज से लेकर कलेक्ट्रेट तक है। इस स्थान पर फुटपाथ की चाैड़ाई अधिक है। पिछले दिनों पुलिस आयुक्त ने फुटपाथ को कम करके सड़क बनाने का प्रस्ताव नगर आयुक्त और मेट्रो के अधिकारियों के बीच रखा था। इस पर अमल करते हुए कई जगह पर फुटपाथ को हटाने का काम शुरू हुआ है। पर, धीमी गति से होने की वजह से जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।