छात्र नेता के घर पहुंची एसटीएफ
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डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा की कॉपियां बदलने के मामले में फरार आरोपी छात्र नेता राहुल पाराशर ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। यह तब हुआ, जब पुलिस के साथ एसटीएफ उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी। उसके बावजूद वह पुलिस और एसटीएफ से बच गया। सरेंडर करने में सफल हो गया।
आगरा में बीएएमएस की कॉपियां बदलने का मामला 26 अगस्त को सामने आया था। थाना हरी पर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विश्वविद्यालय के ऑटो चालक देवेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। बाद में उसका सहयोगी डॉक्टर अतुल गिरफ्तार किया गया था। वह दिल्ली में एमडी की तैयारी कर रहा था। एजेंसी के कार्यालय में कॉपियों की जांच की गई थी। बीएएमएस की 14 कॉपियों की हस्त लेख बदले हुए पाए गए थे। इस पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया था।
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बाद में कॉपियां लिखने वाले हाथरस मेडिकल कॉलेज के छात्र पुनीत और दलाल दुर्गेश को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। छात्र नेता राहुल पाराशर का भी नाम सामने आया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। इसलिए उसके घर पर जाकर नोटिस चस्पा किया था। छात्र नेता की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। सरेंडर की सूचना पर पूर्व में भी दीवानी में घेराबंदी की गई थी। मगर, छात्र नेता सरेंडर करने नहीं आया था। शुक्रवार को वह अपने अधिवक्ता के साथ सरेंडर करने पहुंच गया। कोर्ट में अभी सुनवाई चल रही है।
एमबीबीएस की कॉपियां भी बदली गई
हाल ही में एमबीबीएस की कॉपियां भी बदलने का मामला सामने आया था। टूंडला स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज की 26 छात्रों की कॉपियां का हस्तलेख बदला हुआ पाया गया था। इस पर थाना हरी पर्वत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी भी जांच की जा रही है।