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बल्केश्वर में रही ‘बम भोले’ की गूंज

Tue, 02 Aug 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला आगरा
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‌िशवालय - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर में बम भोले की गूंज रही। शहर के सभी शिवालयों की परिक्रमा कर रविवार शाम बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने भोले का अभिषेक कर परिक्रमा पूर्ण की। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बावजूद भीड़ संभालना पुलिस और मंदिर प्रबंधन के लिए मुश्किल हो रहा था।
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बल्केश्वर महादेव मंदिर के पट सुबह चार बजे खुले। इसके साथ ही ‘बम-बम भोले’, ‘ऊं नम: शिवाय’, ‘हर हर महादेव’ और ‘बिल्वकेश्वरनाथ की जय’ का घोष करते हुए परिक्रमार्थियों का जत्था मंदिर में प्रवेश कर गया। महंत सुनील नागर और कपिल नागर के नेतृत्व में मंगला आरती हुई। उसके बाद दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक का क्रम चला। खचाखच भरे मंदिर परिसर में हर कोई भोेलेे नाथ के दर्शन को आतुर था। परिक्रमार्थियों को प्रसाद स्वरूप मेवा युक्त दूध वितरित किया गया। शाम को महादेव का आकर्षक शृंगार किया गया। मंदिर परिसर को देशी-विदेशी फूलों और आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया। भोले बाबा के दर्शन कर हर कोई निहाल हुआ।
भजन मंडली द्वारा गए ‘हरि, हर एक हैं, दोनों किसी से कम नहीं...’, ‘बल्केश्वर धाम अपार, जपे जा भोले-भोले...’, ‘राज राजेश्वर, मनकामेश्वर करते जिनकी बढ़ाई हैं...’ आदि भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। रात दस बजे महाआरती हुई। रात 12 बजे मंदिर के कपाट बंद होने तक श्रद्धालु भोले बाबा के दर्शन के लिए उमड़ते रहे।
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अन्य शिवालयों में भी उमड़े श्रद्धालु
 बल्केश्वर महादेव मंदिर के साथ-साथ शहर के सभी प्रमुख शिवालयों में आस्था का सागर हिलोरे लेता रहा। सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। मनकामेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया गया। राजेश्वर मंदिर, रावली महादेव, कैलाश मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर भी जबरदस्त भीड़ रही। अपनी बारी के इंतजार में लोगों को काफी देर तक जूझना पड़ा। बारिश भी उनका रास्ता नहीं रोक सकी। लोगों ने बेल पत्र, धतूरा अर्पित कर भगवान शंकर का अभिषेक किया।

मंदिरों में रहे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बल्केश्वर मंदिर में भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वारा पर डीएफएमडी लगाए गए थे। श्रद्धालु पंक्तिबद्ध रहें, इसके लिए बेरीकेडिंग भी की गई थी। बढ़े जल स्तर की वजह से यमुना नदी किनारे पुलिस फोर्स तैनात थी। रिवर पुलिस की वोट भी मौजूद थी। कैलाश मंदिर में भी यमुना घाट की ओर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था थी। 
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