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ताजनगरी में गूंजी बलूचिस्तान की आजादी की मांग

Tue, 20 Jun 2017 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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हिंद-बलूच फोरम - फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर में केवल तीन जिलों और सिर्फ सात फीसदी क्षेत्र में अशांति, लेकिन दुनिया में यह मुद्दा छाया है। पाकिस्तान पूरे बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का हनन करने के साथ बलूचों की हत्या कर रहा है। ऐसे में बलूचिस्तान की आजादी की मांग का भारत सरकार और देश के लोगों को जोर-शोर से समर्थन करना चाहिए। यह भारत के सुरक्षा, अर्थ व्यवस्था और शांति के हित में है। 
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हिंद-बलूच फोरम द्वारा मंगलवार को ‘बलूचिस्तान के स्वतंत्रता संघर्ष में भारतीयों की भूमिका’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में रॉ के पूर्व निदेशक कर्नल आरएसएन सिंह ने बलूच आंदोलन का समर्थन जरूरी बताया। बलूचिस्तान की लड़ाई, आजादी भारत के हित में है। यहां गैस, तेल, सोने, तांबे के भंडार हैं। आजाद बलूचिस्तान भारत की अर्थव्यवस्था बदल सकता है। 

पाकिस्तानी टीवी चैनल पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि पाकिस्तान का बदनुमा चेहरा बलूचिस्तान में रोज दिखता है। कश्मीर से पहले पाकिस्तान को बलूचिस्तान के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में मेयर इंद्रजीत आर्य, विधायक हेमलता दिवाकर, आरएसएस के प्रांत संपर्क प्रमुख अशोक कुलश्रेष्ठ, महानगर संपर्क प्रमुख विजय गोयल, अश्वनी गुप्ता, विनय तिवारी आदि मौजूद रहे। 
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गंगा महासभा के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बलूचियों की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाना चाहिए। पाकिस्तान का पूरा मिसाइल कार्यक्रम बलूचिस्तान से मिले पैसे से चलता है।

हिंद बलूच फोरम के अध्यक्ष पवन सिन्हा बोले जब तक पाकिस्तान के चार टुकड़े नहीं होंगे, भारत शांति से नहीं रह पाएगा। देश के लोगों को बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई में साथ खड़ा होना होगा। भारत को बलूचिस्तान में दखल बढ़ाना होगा।
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