कासगंज। सत्र न्यायाधीश दिवेश चंद्र सामंत की न्यायालय ने बहन की हत्या के आरोपी भाइयों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने आरोपियों के झूठा फंसाने के तर्क को स्वीकार नहीं किया। पुलिस ने ग्राम खेड़ा के जंगल में काली नदी पुल के नीचे नदी में से 13 अप्रैल 2022 को एक युवती का शव बरामद किया था। युवती सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। जांच में सामने आया कि युवती गांव के ही दूसरे समाज के युवक रोहिताश के साथ कहीं चली गई थी। इसके बाद वह 12 अप्रैल 2022 को वापस आ गई।
पुलिस जांच में उसके पिता के अलावा भाई अंकुर एवं विकास द्वारा हत्या किए जाने एवं साक्ष्य छिपाने के लिए शव को नदी में फेंक दिए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। आरोपी पिता राम अवतार की जमानत कोर्ट ने 1 जून को ही खारिज कर दी। विकास और अंकुर ने अपनी जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।