आगरा में जीजा को बंधक बनाकर कार की डिक्की में बंद करने और अपहरण कर हत्या की कोशिश के मामले में आरोपी राजपाल ने जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। एडीजे-1 ने स्वीकृत कर रिहाई के आदेश दिए।
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थाना खंदौली में दर्ज केस के अनुसार गांव खेड़िया निवासी हरदेव सिंह ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी के भाई राजपाल उर्फ राजू, सत्यपाल और धर्मपाल उन पर संपत्ति बेचकर रुपये देने का दबाव बना रहे थे। अपनी बहन को भी उनके साथ नहीं रहने दे रहे थे। 4 सितंबर 2025 की सुबह साला राजपाल उर्फ राजू, सत्यपाल और धर्मपाल दो अज्ञात लोगों के साथ उनके घर कार लेकर आ गए। उन्हें बंधक बनाकर कार की डिक्की में डाल लिया। गांव के लोगों ने विरोध किया तो उन्हें भी जाने से मारने की धमकी दी। खंदौली पुलिस ने रास्ते में कार को रोककर उन्हें मुक्त कराया।
जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिए कि जीजा हरदेव ने 3 सितंबर 2025 को उनकी बहन लक्ष्मी देवी के साथ मारपीट की। बाल पकड़ सीढ़ियों से घसीटते हुए नीचे लाया। खंदौली पुलिस ने मेडिकल भी कराया था। राजीनामा करने के बहाने भाइयों को बुलाया और खुद मारपीट की। झूठे मुकदमे में फंसाने की नीयत से हरदेव खुद उनकी गाड़ी में छुप गया था।