कासगंज। सत्र न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम के न्यायालय ने जानलेवा हमले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने जमानत के लिए दिए गए निर्दोष होने के तर्क को स्वीकार नहीं किया।
ग्राम आलमपुर सोरोंजी निवासी भूरे सिंह 1 दिसंबर 2022 को अपने पिता महेंद्र सिंह के नाम फतेहपुर कला स्थित खेत में ट्रैक्टर से जौ की फसल की बुवाई कर रहा था। इस बीच अभिषेक, वेदप्रकाश, शशीकांत, रमेश, विजेंद्र, हरवेंद्र, लालू निवासी आलमपुर वहीं आ गए। और कहने लगे कि खेत से होकर हमारी रास्ता जोतकर जौ क्यों वो दिया। भूरे ने इसपर एतराज जताते हुए कहा कि खेत से होकर कोई रास्ता नहीं है। खेत खाली होने पर निकलने से कोई नुकसान नहीं हो रहा था, इसलिए विरोध नहीं किया। अब फसल की बुवाई हो गई है तो रास्ता डालने से नुकसान होगा। इसके बाद अभिषेक ने तमंचा से फायर कर दिया। जिससे उसकी नातिन सुमन गोली लगने से घायल हो गई। वहीं वेदप्रकाश ने उसके ऊपर फरसा से प्रहार कर दिया। जबकि शशीकांत ने गिरीश के सिर में सरिया से प्रहार कर दिया। उनको बचाने आई शिवानी व ज्योति के विजेंद्र, हरवेंद्र, लालू ने लाठियों से मारपीट कर दी। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपी लालू ने अपनी जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।